मातृ दिवस पर विशेष : मां : थकती जरूर है, मगर हारती कभी नहीं

ऐ अंधेरे देख ले, मुंह तेरा काला हो गया। मां ने आंखें खोली घर में उजाला हो गया। जी, हां मशहूर शायर मुनव्वर राणा की ये लाइनें हम सब के जीवन सटीक साबित होती हैं। आज 10 मई को मातृ दिवस हो और बात मुनव्वर राणा की रचना मां के जिक्र के बिना समाप्त हो … Continue reading मातृ दिवस पर विशेष : मां : थकती जरूर है, मगर हारती कभी नहीं