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गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर विरासत और विचारों को हमेशा आगे रखना होगा: पीएम मोदी

PM Modi

PM Modi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 को लेकर कहा है कि नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स से शुरू हुआ सिलसिला अब रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुका है और इसके केंद्र में देश की युवा शक्ति है। पीएम मोदी ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर हमें अपनी विरासत और अपने विचारों को हमेशा आगे रखना है।प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के अपने भाषण के कुछ वीडियो शेयर किए। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘बीते 11 सालों से देश के हर सेक्टर में संभावनाओं के अनंत द्वार खुल रहे हैं। कंटेंट और क्रिएटिविटी इन्हीं में शामिल है, जहां हमारे युवा साथी रामायण और महाभारत की प्रेरक कहानियों को भी गेमिंग वल्र्ड का हिस्सा बना सकते हैं। यहां तक कि हमारे हनुमान जी ही पूरी दुनिया की गेमिंग को चला सकते हैं।

उन्होंने आगे लिखा, ‘हमने नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स का जो सिलसिला शुरू किया है, वो अब रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुका है। इसके केंद्र में हमारी युवा शक्ति ही है।‘ एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, ‘गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर हमें अपनी विरासत और अपने आइडियाज को हमेशा आगे रखना है। स्वामी विवेकानंद जी का जीवन भी हमें यही सिखाता है।‘

बता दें कि राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में हिस्सा लिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय के युवा प्रतिनिधियों समेत देश भर के लगभग तीन हजार युवा नेताओं के साथ बातचीत की। चुने हुए प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित दस अलग-अलग विषयों पर प्रधानमंत्री के सामने अपनी अंतिम प्रस्तुतियां भी दीं।

युवाओं के नाम संदेश में पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘साल 2047 में, जब हमारी आजादी के 100 साल होंगे, वहां तक की यात्रा भारत के लिए भी अहम है। यही वो समय है, जो आपके जीवन में भी सबसे महत्वपूर्ण है, यानी बड़ा सुनहरा अवसर है। आपका सामर्थ्य भारत का सामर्थ्य बनेगा और आपकी सफलता भारत की सफलता को नई ऊंचाइयां जरूर देगी।‘ उन्होंने आह्वान किया कि देश बिना आत्मविश्वास के आत्मनिर्भर और विकसित नहीं हो सकता। इसलिए, अपने सामर्थ्य, अपनी विरासत और अपने साजो-सामान पर गौरव का अभाव हमें खलता है। हमारे पास उसके प्रति एक कमिटमेंट चाहिए और गौरव का भाव होना चाहिए। हमें बड़ी मजबूती के साथ गौरव के साथ मजबूत कदमों से आगे बढ़ना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि हमें मिलकर गुलामी की इस मानसिकता को खत्म करना है। दस साल बाद मैकाले के उस दुस्साहस को 200 साल पूरे हो रहे हैं और ये पीढ़ी की जिम्मेवारी है कि 200 साल पहले हुए पाप को धोने के लिए अभी 10 साल बचे हैं। ये युवा पीढ़ी मैकाले के उस पाप को धोकर के रहेगी। और इसलिए देश के हर युवा को संकल्प लेकर इस मानसिकता से देश को बाहर निकालना है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को सुझाव दिया कि थोड़े समय के बाद हम जिलों को विकसित बनाने के लिए भी डायलॉग शुरू करने की दिशा में जाएंगे। लेकिन हर राज्य में एक कार्यक्रम राज्य के नौजवान मिलकर के, ताकि एक थिंक टैंक, जिसको कहा गया, ये थिंक वेब बन जाएगा, ये दिशा में हम करें।

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