Nautapa 2026: देशभर में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। पारंपरिक मान्यताओं और मौसमीय परिस्थितियों के अनुसार नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक प्रभावी रहने की संभावना है। आपको बता दें कि इस अवधि को साल के सबसे गर्म दिनों में गिना जाता है, जब सूर्य की तीव्र किरणें धरती पर सीधी पड़ती हैं और तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी देखने को मिलती है। माना जाता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो नौ दिनों तक गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी काफी गर्म हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि यह किन राज्यों पर सबसे ज्यादा कहर बरपाएगा…
किन राज्यों में ज्यादा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नौतपा का सबसे ज्यादा प्रभाव मध्य भारत और उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिलता है।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश
इन राज्यों में कई जगह तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। बता दें कि खजुराहो, छतरपुर, बांदा, प्रयागराज, झांसी और कानपुर जैसे शहरों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है और कई क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।
ये भी पढ़ें:
राजस्थान
पश्चिमी राजस्थान को हर साल सबसे ज्यादा गर्मी झेलनी पड़ती है। चूरू, बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों में दिन के साथ रातें भी बेहद गर्म रहती हैं।
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब
इसके साथ ही राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान पहले ही काफी बढ़ चुका है। कुछ क्षेत्रों में पारा 45 से 47 डिग्री तक पहुंचने की रिपोर्ट है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार और झारखंड
इन राज्यों में भी गर्म हवाओं का असर साफ देखा जा रहा है। सूखी और गर्म हवाओं के कारण तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।
वैज्ञानिक कारण क्या है
विशेषज्ञों के अनुसार मई के अंत में सूर्य की किरणें भारतीय उपमहाद्वीप पर सीधी पड़ती हैं, जिससे जमीन तेजी से गर्म होती है और हवा में दबाव कम हो जाता है। इसी कारण लू और तेज गर्मी की स्थिति बनती है।
ये भी पढ़ें:

