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75 रुपये वाली पार्टी बनेगी NDA की दूसरी बड़ी ताकत, जानें हकीकत?

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NCPI with Rs 75 becomes second NDA force : नई दिल्ली। देश में चल रही राजनीतिक उठापटक अजीबोगरीब तथ्य सामने ला रही है। यहां बात हो रही है पश्चिम बंगाल की। यहां टीएमसी के बागी सांसदों के विलय के बाद चर्चा में आयी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के बारे में खुलासा हुआ है। वर्ष 2022-23 में 75 रुपये के बैंक बैलेंस वाली यह गुमनाम पार्टी अब संसद में NDA की दूसरी बड़ी ताकत बनने जा रही है।

सांसदों के विलय से राजनीतिक पंडित भी हैरान

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों ने जैसे ही त्रिपुरा में रजिस्टर्ड इस छोटी सी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में अपने विलय का ऐलान किया, देश के सभी राजनीतिक पंडित हैरान हो गए। उन्होंने ऐसा सपने में भी नहीं सोचा होगा। निर्वाचन आयोग को सौंपी NCPI की सालाना ऑडिट रिपोर्ट के आधिकारिक दस्तावेजों से पता लगा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान इस पार्टी को मुट्ठी भर समर्थकों से चंदे के रूप में कुल 1,13,075 रुपए मिले थे। पार्टी ने इस पूरी रकम को सांगठनिक कार्यों में खर्च कर दिया।

त्रिपुरा में 4 उम्मीदवारों पर खर्च हुए थे 49400 रुपये

इसमें 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में उतारे गये अपने 4 उम्मीदवारों पर खर्च किए 49,400 रुपये शामिल थे। चुनाव खत्म होने के बाद पार्टी के खजाने में सिर्फ 75 रुपये शेष थे। सबसे मजेदार बात यह है कि इस कोष में दान देने वाले 9 मुख्य लोगों में पार्टी की अध्यक्ष शिउली कुंडू और उनके पति उत्तीया कुंडू ही शामिल थे, जिन्होंने जेब से क्रमशः 15,000 और 18,000 रुपये का योगदान दिया। जनवरी 2023 में जब इस पार्टी का रजिस्ट्रेशन हुआ था, तब इसने त्रिपुरा चुनाव में नैतिक नारा दिया था- राजनीतिक दल दलबदलुओं को नकारें, लेकिन नियति का खेल देखिए, इसी पार्टी का वजूद टीएमसी के 20 बागी सांसदों के दलबदल और विलय पर टिक गया।

मान्यता मिली तो देश की छठी बड़ी पार्टी

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस 20-22 सांसदों वाले बागी गुट के NCPI में विलय को मंजूरी दे देते हैं, तो संसद के निचले सदन में यह रातोंरात देश की छठी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। केंद्र की सत्ताधारी एनडीए में यह प्रधानमंत्री की BJP के बाद नीतीश कुमार की JDU और चंद्रबाबू नायडू की TDP को काफी पीछे छोड़ते हुए एनडीए की दूसरी बड़ी ताकत बन जाएगी, लेकिन जमीन पर इस पार्टी के पास आज तक एक छोटा-सा म्युनिसिपल पार्षद तक नहीं रहा।

पति-पत्नी के पास अद्भुत डिग्रियां

इस पार्टी को हावड़ा के संकराइल में एक छोटे से NGO दफ्तर से चलाने वाले पति-पत्नी की योग्यता अनोखी है। पूर्व अध्यक्ष शिउली कुंडू कलकत्ता हाईकोर्ट की वकील होने के साथ-साथ गणित में एमएससी, एमबीए और एलएलएम हैं। शिउली के पति उत्तीय कुंडू खुद को बांग्ला अखबार का संपादक, गणित शिक्षक, मोटिवेशनल स्पीकर, आईएसओ ऑडिटर और योग स्वयंसेवक बताते हैं। उत्तीय ने हाल ही में बंगाल के नये मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए उनके संकल्पों की तारीफ की थी।

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