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NEET-UG 2026 : चिंता, अवसाद या असफलता के डर से जूझ रहे छात्र कर सकते हैं संपर्क

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NEET-UG 2026 : Students grappling with anxiety : बिलासपुर। नीट यूजी-2026 के परीक्षा परिणाम आने और प्रवेश प्रक्रिया (काउंसिलिंग) शुरू होने के बाद से छात्र-छात्राओं में बढ़ते मानसिक तनाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान ने एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान प्रबंधन ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए 24 घंटे संचालित होने वाली मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के निर्देश पर सिम्स के मनोरोग विभाग ने यह विशेष व्यवस्था की है, जिससे कि बच्चों को समय पर सही मनोवैज्ञानिक परामर्श और भावनात्मक संबल मिल सके।

टेंशन है तो इस नंबर पर करें कॉल

छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान प्रबंधन अधिष्ठाता (डीन) कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार मोबाइल नंबर 9425502353 को दो सप्ताह के लिए हेल्पलाइन नंबर के रूप में एक्टिव कर दिया है। नीट के नतीजों, देश-प्रदेश के मेडिकल कालेजों में दाखिले की प्रक्रिया और भविष्य को लेकर यदि किसी भी छात्र के मन में अत्यधिक चिंता, अवसाद, घबराहट या असफलता का डर बैठ रहा है, तो वे सीधे इस नंबर पर काल कर विशेषज्ञ डाक्टरों से मुफ्त मार्गदर्शन ले सकते हैं।

‘भारी मानसिक दबाव से गुजरते बच्चे’

छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान प्रबंधन के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका शैक्षणिक प्रदर्शन। नीट जैसी देश की सबसे कठिन प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के दौरान बच्चे भारी मानसिक दबाव से गुजरते हैं। ऐसे नाजुक समय में उचित परामर्श और सकारात्मक संवाद उन्हें तनाव के दलदल से बाहर निकालने में संजीवनी का काम करता है। उन्होंने पालकों से भी बच्चों पर दबाव न बनाने और जरूरत पड़ने पर इस हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील की है।

हेल्पलाइन नंबर : 9425502353

18 जून 2026 से अगले दो सप्ताह तक दिन-रात चालू रहेगा हेल्पलाइन नंबर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान प्रबंधन  (सिम्स) के मनोरोग विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा सीधे फोन पर मुफ्त काउंसलिंग, निराशा और असफलता का भय होना सामान्य। मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा़ सुजीत नायक के अनुसार, रिजल्ट के बाद बच्चों में तनाव, चिंता और निराशा की भावना आना एक सामान्य मानवीय स्थिति है। लेकिन, अगर सही समय पर उन्हें कोई समझाने वाला मिल जाए, तो इन समस्याओं का प्रभावी समाधान हो जाता है। इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सकारात्मक सोच पैदा करना है।

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