NEFT vs RTGS vs IMPS vs UPI: भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में डिजिटल भुगतान का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच ने पैसे ट्रांसफर के तरीकों को पहले से कहीं अधिक आसान और तेज बना दिया है। लेकिन आज भी कई लोग NEFT, RTGS, IMPS और UPI जैसे विकल्पों के बीच अंतर को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। जानकारी की कमी के कारण लोग अक्सर अपनी जरूरत के मुताबिक सही माध्यम नहीं चुन पाते।
NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) एक पुरानी और लोकप्रिय बैंकिंग सेवा है। इस माध्यम से एक खाते से दूसरे खाते में पैसे भेजे जाते हैं। यह प्रणाली बैच प्रोसेसिंग पर आधारित है, यानी ट्रांजेक्शन एक तय समय अंतराल में प्रोसेस होते हैं। हालांकि अब यह सुविधा 24×7 उपलब्ध है लेकिन फिर भी कभी-कभी पैसे पहुंचने में थोड़ी देरी हो सकती है। इसमें न्यूनतम राशि की कोई सीमा नहीं होती, इसलिए छोटे से लेकर बड़े ट्रांसफर तक के लिए यह सुविधा सही है।
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RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट), यह सुविधा उन लोगों के लिए है जिन्हें बड़ी रकम तुरंत ट्रांसफर करनी होती है। RTGS में ट्रांजेक्शन रियल टाइम में पूरा होता है और पैसे तुरंत लाभार्थी के खाते में पहुंच जाते हैं। इसकी न्यूनतम सीमा 2 लाख रुपये है जबकि अधिकतम सीमा फिलहाल तय नहीं है। इसका अधिकतर इस्तेमाल प्रॉपर्टी डील या बड़े बिजनेस पेमेंट में इस्तेमाल होता है।
IMPS (इमीडिएट पेमेंट सर्विस), यह 24X 7 काम करने वाली सेवा है। इसके जरिए मोबाइल नंबर, MMID, अकाउंट नंबर या IFSC के माध्यम से पैसे भेजे जा सकते हैं।इसकी तेजी ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। इस सुविधा में ट्रांजेक्शन कुछ ही सेकंड में पूरा हो जाता है। यह छोटे और मध्यम स्तर के ट्रांसफर के लिए काफी सुविधाजनक रहता है।
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UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने डिजिटल पेमेंट को आम लोगों के लिए बेहद सरल बना दिया है। बिना लंबी बैंक डिटेल्स डाले अब मोबाइल ऐप के जरिए कुछ ही सेकंड में पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं। UPI से न सिर्फ व्यक्ति-से-व्यक्ति बल्कि बिल पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग और दुकानों पर भुगतान भी आसानी से किया जा सकता है।
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