New governors: देश में एक बार फिर राज्यपाल और उपराज्यपाल पदों पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्ति की गई है। इस बदलाव के तहत बिहार, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और नागालैंड समेत कई राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त हुए हैं, जबकि दिल्ली और लद्दाख के उपराज्यपाल भी बदल दिए गए हैं।
दिल्ली और लद्दाख में नए उपराज्यपाल
नई नियुक्तियों के तहत दिल्ली के मौजूदा उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। वहीं, भारत के पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। यह बदलाव प्रशासनिक स्तर पर अहम माना जा रहा है।
बिहार और नागालैंड में भी नई जिम्मेदारी
बिहार में भी बड़ा बदलाव हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है। वहीं बिहार के वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। नंद किशोर यादव राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और वे बिहार विधानसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं।
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महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी बदलाव
तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल बनाया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा लद्दाख के उपराज्यपाल रहे कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
तमिलनाडु में अतिरिक्त प्रभार
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वे केरल के साथ-साथ अब तमिलनाडु की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
पश्चिम बंगाल में राज्यपाल का इस्तीफा
इस फेरबदल के बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
सी.वी. आनंद बोस ने फोन पर पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने साढ़े तीन साल तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में सेवा दी और अब पद छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे के कारणों का खुलासा नहीं किया। उनका कार्यकाल नवंबर 2027 तक था, इसलिए उनके अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया है।
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ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस अचानक हुए इस्तीफे से “स्तब्ध और बेहद चिंतित” हैं। उन्होंने इस फैसले पर सवाल भी उठाए।
वहीं बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के बयान को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि राजभवन में बदलाव कोई असामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक, सी.वी. आनंद बोस ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है और इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
दिल्ली – तरनजीत सिंह संधू (उपराज्यपाल)
पश्चिम बंगाल – आर.एन. रवि
बिहार – लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन
तमिलनाडु – राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर (केरल के साथ अतिरिक्त प्रभार)
महाराष्ट्र – जिष्णु देव वर्मा
हिमाचल प्रदेश – कविंदर गुप्ता
तेलंगाना – शिव प्रताप शुक्ला
नागालैंड – नंद किशोर यादव
लद्दाख – विनय कुमार सक्सेना (उपराज्यपाल)