नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने और हीटवेव की स्थिति बनने के बाद राज्य सरकारों ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय और छुट्टियों में बड़े बदलाव किए हैं। गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए कई जगहों पर स्कूल बंद कर दिए गए हैं, तो कुछ राज्यों में पढ़ाई का समय सुबह तक सीमित कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में समय से पहले गर्मी की छुट्टियां
छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में समय से पहले गर्मी की छुट्टियां घोषित कर दी हैं। अब राज्य में 20 अप्रैल से 15 जून तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उत्तराखंड में “वॉटर बेल” की व्यवस्था
उत्तराखंड में स्कूलों को हीटवेव से बचाव के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। यहां “वॉटर बेल” प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत छात्रों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही स्कूलों में जरूरी दवाइयों और प्राथमिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश में बदला स्कूल समय
मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है। शिक्षकों को 1:30 बजे तक स्कूल में रहना होगा। यह कदम बच्चों को दोपहर की तेज धूप और गर्मी से बचाने के लिए उठाया गया है।
ओडिशा में कई जिलों में स्कूल बंद
ओडिशा के कई जिलों जैसे बलांगीर, सुबरनापुर और कालाहांडी में भीषण गर्मी के कारण स्कूल और कॉलेज अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। राज्य सरकार पहले ही सुबह के समय कक्षाएं संचालित करने का आदेश दे चुकी थी, लेकिन बढ़ते तापमान को देखते हुए छुट्टियां घोषित करनी पड़ीं।
केरल में छुट्टियों के दौरान क्लास पर रोक
केरल सरकार ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान किसी भी प्रकार की अतिरिक्त कक्षाएं (स्पेशल क्लास) लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। शिक्षा विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
तेलंगाना में वॉटर ब्रेक और कूलिंग सेंटर
तेलंगाना में स्कूलों को वॉटर ब्रेक अनिवार्य करने और खुले स्थानों में कक्षाएं न लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कई सार्वजनिक स्थानों को कूलिंग सेंटर के रूप में उपयोग करने की व्यवस्था की जा रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों का समय भी घटा दिया गया है।
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गर्मी से बचाव पर जोर
लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए राज्यों ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सेहत को प्राथमिकता दी जाएगी। आने वाले दिनों में यदि तापमान और बढ़ता है तो और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

