
नेशनल डेस्कः नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने गुरुवार को गैर-कानूनी हथियारों की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की। इस मामले में एनआईए ने हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के ठिकानों पर रेड डाली।
जानकारी के अनुसार, गैर-कानूनी हथियार खरीदने और ले जाने के आरोपी कई संदिग्धों से जुड़ी 22 जगहों पर मिलकर छापे मारे गए। ये छापे एजेंसी की केस नंबर RC-01/2025/NIA/PAT के तहत जांच का हिस्सा थे, जिसे इस साल की शुरुआत में एक अच्छी तरह से ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल सिंडिकेट को खत्म करने के लिए रजिस्टर किया गया था।
लोकल पुलिस फोर्स के सपोर्ट से NIA के अधिकारियों की टीमों ने एक साथ उन घरों, स्टोरेज की जगहों और बिजनेस की जगहों की तलाशी ली, जिनका इस्तेमाल ट्रैफिकिंग रैकेट से जुड़े लोगों द्वारा किया जा रहा था। गुरुवार सुबह से ही छापे अभी भी जारी हैं। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल डिवाइस, आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट, फाइनेंशियल रिकॉर्ड और जांच से जुड़े दूसरे मटीरियल की जांच की जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें ज़ब्त किया जा रहा है।
शुरुआती जांच से पता चलता है कि जिस ग्रुप पर नजर रखी जा रही है, उसके लिंक राज्य की सीमाओं के पार काम करने वाले गैर-कानूनी सप्लायर, बिचौलियों और हथियार चलाने वालों से हो सकते हैं। इससे बिहार में क्रिमिनल लोगों और ऑर्गेनाइज्ड गैंग को गोला-बारूद की बढ़ती अंडरग्राउंड सप्लाई चेन पर चिंता बढ़ गई है। NIA यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क का कनेक्शन एक्सट्रीमिस्ट या बागी ग्रुप से है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है।
एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि तलाशी का मकसद सबूत इकट्ठा करना, पैसे के लेन-देन को ट्रैक करना और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करना है – इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो ऑपरेशन को फाइनेंस करते हैं या गैर-कानूनी गोला-बारूद की आवाजाही में मदद करते हैं।
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