Last Updated: October 14, 2026

Dainik Savera Times Logo

NIA की विशेष अदालत ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी मामले में चार बांग्लादेशी नागरिकों को सुनाई सज़ा

April 8, 2026

NIA की विशेष अदालत ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी मामले में चार बांग्लादेशी नागरिकों को सुनाई सज़ा

नई दिल्ली [भारत]: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष अदालत ने बुधवार को एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी मामले में चार बांग्लादेशियों को दोषी ठहराया और सज़ा सुनाई।

आरोपियों – ज़ाकिर खान, बादल हौलादार, कबीर तालुकदार और मोहम्मद बच्चू घरमी – को बेंगलुरु (कर्नाटक) स्थित NIA की विशेष अदालत ने 3 साल के कठोर कारावास (RI) की सज़ा सुनाई है। उन पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, और यदि वे जुर्माना नहीं भर पाते हैं, तो उन्हें एक और महीने जेल में बिताना होगा; यह सज़ा ‘विदेशी अधिनियम’ और ‘पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम’ के संबंधित प्रावधानों के तहत सुनाई गई है।

आरोपियों ने पहले ही यह स्वीकार कर लिया था कि वे बेनापोल, जशोर और अखौरा के रास्ते बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। उन्होंने धोखाधड़ी करके भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिए थे और बेंगलुरु शहर के बाहरी इलाकों में कचरा अलग करने (waste segregation) का कारोबार कर रहे थे। NIA की जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने अपनी कारोबारी इकाई में तस्करी के शिकार हुए अन्य बांग्लादेशी नागरिकों को भी काम पर रखा हुआ था।

NIA को आगे की जांच में पता चला कि आरोपियों ने बेंगलुरु में ज़मीन पट्टे (lease) पर ली थी और वहां तस्करी के शिकार हुए बांग्लादेशी नागरिकों को ठहराने के लिए शेड बना रखे थे।

NIA ने नवंबर 2023 में इस मामले को स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए दर्ज किया था; यह कार्रवाई खुफिया जानकारी और गहन निगरानी के आधार पर एक सीमा-पार मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करने के बाद की गई थी।

इसके बाद, NIA ने पूरे देश में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों के पास से बांग्लादेशी पहचान पत्रों के साथ-साथ डिजिटल उपकरण, धोखाधड़ी से हासिल किए गए भारतीय पहचान पत्र और भारतीय मुद्रा भी बरामद की गई।

NIA ने फरवरी 2024 में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र (chargesheet) दाखिल किया था, और मई 2024 में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

NIA अपनी जांच जारी रखे हुए है, जिसका मुख्य उद्देश्य इस सीमा-पार अपराध मॉड्यूल को पूरी तरह से खत्म करना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी अपराधियों को कानून के कटघरे में लाकर सज़ा दिलाई जा सके।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें