नई दिल्ली: देश को हिला देने वाले निठारी सीरियल किलिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। बता दें कि इस केस के आरोपी सुरेंद्र कोली को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने रिंपा हल्दर मर्डर केस में दी गई उसकी उम्रकैद की सजा को रद्द करते हुए कहा कि अगर कोली किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तुरंत रिहा किया जाए।
12 मामलों में पहले ही बरी, अब अंतिम सजा भी खत्म
साल 2006 के इस सनसनीखेज हत्याकांड में सुरेंद्र कोली को कई मामलों में दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बीते वर्षों में वह 12 अलग-अलग मामलों में पहले ही बरी हो चुका था, जबकि केवल रिंपा हल्दर हत्याकांड में उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब उस पर भी राहत देते हुए कहा कि इतने सारे मामलों में बरी होने के बावजूद एक मामले में सजा बरकरार रखना “अतार्किक और असंगत” है।
सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने दिया फैसला
मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ (CJI गवई), जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस विक्रम नाथ की तीन सदस्यीय बेंच ने यह फैसला सुनाया।
बेंच ने 7 अक्टूबर को कोली की क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सार्वजनिक किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जांच में कई विसंगतियां हैं और सबूत इतने पुख्ता नहीं हैं कि किसी व्यक्ति को उम्रकैद की सजा दी जाए। जस्टिस विक्रम नाथ ने टिप्पणी की, “रसोई के चाकू से हड्डियां काटना संभव नहीं है, यह बात वैज्ञानिक दृष्टि से भी संदिग्ध लगती है।”
Supreme Court acquits Surendra Koli, who was convicted in the 2006 Nithari serial killings case, and sets aside his conviction. Supreme Court orders his immediate release if not wanted in any other case. pic.twitter.com/8lpoG6aHh4
— ANI (@ANI) November 11, 2025
क्यूरेटिव पिटीशन पर मिली राहत
कोली ने अपनी उम्रकैद के खिलाफ पहले रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उसने क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने आज इस याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि 2011 में दिया गया आदेश अब रद्द किया जाता है और इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय भी निरस्त किया जाता है।
साल 2005–2006 का है मामला
साल 2005–2006 के दौरान नोएडा के निठारी गांव में बच्चों और महिलाओं के लापता होने का सिलसिला शुरू हुआ था। जांच के दौरान मोनिंदर सिंह पंधेर के घर के पीछे से 19 कंकाल बरामद किए गए थे।
इन मामलों ने देशभर में सनसनी फैला दी थी, क्योंकि सुरेंद्र कोली पर आरोप था कि वह बच्चों का अपहरण, रेप और हत्या कर उनके शवों के टुकड़े करता था। हालांकि, बाद की जांचों और अदालतों में कई मामलों में पर्याप्त सबूत न मिलने पर उसे बरी किया गया।
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19 साल बाद जेल से बाहर आएगा कोली
गाजियाबाद जेल में सजा काट रहे सुरेंद्र कोली को अब लगभग 19 साल बाद रिहाई मिलने जा रही है। अदालत के आदेश के बाद जेल प्रशासन ने कहा है कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही उसे रिहा कर दिया जाएगा।

