नई दिल्ली : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने बैठक में अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई सुधारों की घोषणा की हालांकि करों की दरों पर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पिछले साल दरों में किए गए बदलावों के बाद इस बैठक में सुधारों पर जोर दिया गया।
उन्होंने बताया कि दरों की समीक्षा के लिए अब साल में एक बार अलग से एक बैठक होगी। आपूर्ति शृंखला में किसी एक की गलती के लिए अभी इसमें शामिल सभी लोगों का इनपुट टैक्स क्रैडिट (आईटीसी) रिटर्न रोक दिया जाता है।
परिषद ने तय किया है कि एक की गलती के लिए सबको सजा देने की बजाय सिर्फ उसके ठीक बाद वाले का रिटर्न रोकने और बाकी सभी को रिटर्न देने की संभावना पर विचार के लिए अधिकारियों की एक समिति का गठन किया जाएगा जो 3 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। समिति की सिफारिशों का अध्ययन करने के बाद उसे जीएसटी परिषद में रखा जाएगा और उसके फैसले को अगले साल 01 अप्रैल से लागू किया जाएगा।
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