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Haryana News : कर्ज लेकर भेजा था विदेश, अब शव लाने के रुपये नहीं

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कुरुक्षेत्र। शाहाबाद से 35 साल के युवक की आर्मेनिया में मौत हो गई। युवक यहां से रोजगार की तलाश में गया था। दूसरी ओर परिवार बेटे का शव भारत लाने के लिए सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार कर रही है।

दो साल पहले गया था आर्मेनिया

मृतक की पहचान नगला गांव निवासी प्रवीन कुमार के रूप में हुई है। प्रवीन आर्मेनिया करीब 2 साल पहले अगस्त 2024 में गया था। परिवार को प्रवीन के आर्मेनिया जाने से घर की आर्थिक हालत में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। प्रवीन के पिता वेद प्रकाश दिव्यांग है। परिवार बताया कि अर्मेनिया में प्रवीन किराए के कमरे में रहता था। अपने कमरे में प्रवीन खाना बना रहा था। इसी दौरान रसोई गैस पाइप में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया।

बुरी तरह झुलस गया था प्रवीण

धमाका इतना तेज था कि कुछ ही सेकंड में आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। आग से प्रवीन बुरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना परिवार को जैसे मिली घर में मातम छा गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को अब भी भरोसा नहीं हो रहा कि जिस बेटे को बेहतर भविष्य के लिए विदेश भेजा था, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा।

विदेश भेजने के लिए लिया था कर्ज

परिवार ने प्रवीन को विदेश भेजने के लिए कर्ज तक लिया था। पिता वेद प्रकाश के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। वहीं घर की हालत अच्छी हो जाए इसके लिए परिवार ने बेटे को उधार लेकर विदेश भेजा था। साथ ही विदेश में घर के हालात सुधारने के लिए प्रवीन दिन-रात मेहनत कर रहा था। प्रवीन के सहारे ही घर और परिवार का गुजारा चल रहा था, लेकिन अब बेटे की मौत से उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया।

शव लाने में खर्च होंगे 6-7 लाख

परिवार के सामने सबसे बड़ी परेशानी प्रवीन का शव भारत लाने की है। प्रवीन के शव भारत लाने में लगभग 6 से 7 लाख रुपये का खर्च आएगा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं है। रिश्तेदार और गांव के लोग परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

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