नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बिहार के एक पूर्व विधायक की उस याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया जिसमें सरकारी बंगले में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने को लेकर दंड स्वरूप 20 लाख रुपए से अधिक का आवास किराया अदा करने की मांग का विरोध किया गया था। कोर्ट ने कहा, ‘किसी को भी सरकारी आवास पर अंतहीन समय तक कब्जा नहीं रखना चाहिए।’ चीफ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पूर्व विधायक अवनीश कुमार सिंह की अपील पर सुनवाई कर रही थी।
हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने 3 अप्रैल को एकल न्यायाधीश पीठ के आदेश के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें पटना के टेलर रोड स्थित एक सरकारी बंगले में अनधिकृत रूप से रहने को लेकर मकान किराए के रूप में दंडस्वरूप 20.98 लाख रुपए से अधिक की अदायगी संबंधी राज्य सरकार की मांग को बरकरार रखा गया था। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘किसी को भी सरकारी आवास पर अंतहीन समय तक कब्जा नहीं रखना चाहिए।’ हालांकि, पीठ ने पूर्व विधायक को कानूनी उपाय का सहारा लेने की छूट प्रदान की। इसके बाद, कोर्ट ने याचिका को वापस ले लिया गया मानते हुए खारिज कर दिया।
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