मुंबई: महाराष्ट्र में जल्द होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब तक अलग-अलग रास्तों पर चल रहे उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक बार फिर एकजुट हो सकते हैं। यह संकेत खुद उद्धव ठाकरे ने एक कार्यक्रम के दौरान दिया।
उद्धव ठाकरे बोले – अब संदेश नहीं, सीधे खबर पहुंचेगी
शुक्रवार को मुंबई के बांद्रा स्थित मातोश्री में एक कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा, “महाराष्ट्र के दिल में जो गूंजेगा, वही होगा। हमारे शिवसैनिक और मनसे कार्यकर्ता एक-दूसरे से संपर्क में हैं। हम कोई संदेश नहीं भेजेंगे, अब सीधे खबर पहुंचाएंगे।” यह बयान तब आया जब एक शिंदे गुट के नेता शिवसेना (UBT) में शामिल हो रहे थे और पत्रकारों ने उद्धव ठाकरे से राज ठाकरे के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में सवाल पूछा।
राज ठाकरे पहले ही दे चुके हैं संकेत
कुछ हफ्ते पहले एक कार्यक्रम में राज ठाकरे ने भी यही बात दोहराई थी कि “महाराष्ट्र के अस्तित्व के सामने आपसी झगड़े छोटे हैं। साथ आना मुश्किल नहीं है, सवाल सिर्फ इच्छाशक्ति का है।” उन्होंने यह भी कहा था कि वे छोटे-मोटे झगड़े खत्म करने को तैयार हैं, लेकिन जो लोग महाराष्ट्र के हित के खिलाफ काम करते हैं, उन्हें वे साथ नहीं रखेंगे।
मराठी एकता की बात दोहराई
उद्धव ठाकरे पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि वे मराठी एकता और महाराष्ट्र के हित के लिए हर तरह का सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा था, “अब वक्त है कि सारे मराठी लोग एक साथ आएं और अपने राज्य के भविष्य के लिए एकजुट हों।”
चुनावों से पहले बढ़ सकती है हलचल
महाराष्ट्र में जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव, खासकर BMC (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) के लिए चुनाव होने हैं। इसके अलावा पुणे, ठाणे और अन्य नगर निकायों के भी चुनाव होने हैं। बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना, उद्धव ठाकरे की UBT शिवसेना, एनसीपी और मनसे सभी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अगर राज और उद्धव ठाकरे का गठबंधन होता है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा, खासकर मुंबई और शहरी इलाकों में इसका सीधा असर देखा जा सकता है।

