
शिमला : हिमाचल मंत्रिमंडल में होने वाला फेरबदल फिलहाल टल गया है। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी सभी मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड देख कर तय करेंगे कि कौन मंत्रिमंडल में रहेगा और किसे जाना होगा। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस महीने के अंत तक सभी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड यानी परफॉर्मेंस फीडबैक मांगा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित कुछ मंत्री बुधवार की देर शाम ही दिल्ली से वापस लौट आए क्योंकि सीएम के कुछ कार्यक्रम पहले से तय थे।
सीएम सुक्खू को हाईकमान से वीटो पॉवर मिल गई है। मंत्रियों की सेल्फ परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर सुक्खू की टिप्पणी के बाद ही हाईकमान कैबिनेट फेरबदल पर कोई अंतिम फैसला लेगा। सीएम सुक्खू, डिप्टी सीएम अग्निहोत्री समेत कई वरिष्ठ मंत्री पिछले तीन दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस हाईकमान मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल के साथ लंबी बैठकें कीं लेकिन इसका कुछ हासिल नहीं हुआ। हिमाचल सीधा राहुल गांधी के कंट्रोल में है। हालांकि दो दिन के रायबरेली दौर के बाद गुरुवार को राहुल गांधी लौट आए थे।
उन्होंने दिल्ली में 10 जनपथ स्थित अपने आवास पर आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के कांग्रेस प्रभारियों व महासचिवों के साथ अहम संगठनात्मक बैठकें भी कीं। देर शाम उन्होंने एक संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की याद में आयोजित मेमोरियल सभा में भी हिस्सा लिया। लेकिन वे हिमाचल के मंत्रियों से नहीं मिले। 11 सितंबर को शिमला में हिमाचल मंत्रिमंडल की अहम बैठक होनी थी हालांकि जो स्थगित हो गई है।
ऐसे में दिल्ली में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री समेत रुके बाकी सभी पांच मंत्री भी कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए शिमला वापस आ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी ने मुख्यमंत्रीसुक्खू से महीने के अंत तक सभी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड मांगा है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही अक्टूबर में मंत्रियों को हटाने या नए चेहरे शामिल करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। मंत्रियों की परफॉर्मेंस पर राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ चर्चा करेंगे। जरूरत पड़ी तो सीएम सुक्खू को फिर दिल्ली बुलाकर उनसे परामर्श करेंगे। इसके बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा।
इस तरह यह मामला अक्तूबर तक के लिए टलता दिख रहा है। इस दौरान विकास योजनाओं को लेकर सुक्खू ने कई केन्द्रीय मंत्रियों से जरूरी मुलाकातें जरूर कर लीं। लेकिन पूरी सरकार के लंबे दिल्ली प्रवास के कारण प्रदेश का रुटीन का कामकाज जरूर प्रभावित दिखा। अब तक कई राउंड हुई वार्ताओं में दो सीनियर मंत्रियों धनीराम शांडिल और चंद्र कुमार को कैबिनेट से ड्रॉप करने पर हाईकमान में आम सहमति बनती दिख रही है।
कैबिनेट में मंत्री का एक पद पहले से खाली है। ऐसे में तीन नए चेहरे कैबिनेट में शामिल होना तय माना जा रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, पालमपुर के आशीष बुटेल और अर्की से विधायक संजय अवस्थी के नामों की है। वैसे महिला वोटरों को खुश करने के लिए किसी महिला विधायक के मंत्री बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
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