नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश के तहत आदेश दिया है कि अब से मतदान के दिन मतदान केंद्रों पर राज्य पुलिस कर्मियों की तैनाती का काम (रैंडमाइजेशन) निर्वाचन क्षेत्रों में तैनात केंद्रीय पुलिस पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का ‘रैंडमाइजेशन’ निष्पक्षता सुनिश्चित करता है। किसी तरह के पूर्वाग्रह से बचने के लिए स्थानीय पुलिस को उनके वर्तमान थाना क्षेत्रों के बाहर तैनात किया जाता है।
इस संबंध में निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों को पत्र लिखा था। यह आदेश भविष्य के सभी लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों के लिए है। एक अधिकारी ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक राज्य पुलिस कर्मियों का ‘रैंडमाइजेशन’ करते हैं। अधिकारी ने कहा, वे ऐसा करना जारी रखेंगे। लेकिन अब यह काम पुलिस पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में किया जाएगा। इसी साल अप्रैल में केरल, तमिलनाडु, पुड्डचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है और इन राज्यों में नई प्रक्रिया लागू की जाएगी।

