Site icon Dainik Savera Times

जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई… पीएम मोदी और अमित शाह की वजह से जीवित हूं, जानें नूपुर शर्मा ने ऐसा क्यों कहा

nupur sharma

nupur sharma

नई दिल्लीः भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने हाल ही में एक महिला सम्मेलन में अपने जीवन से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल से उनकी जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है। वह अब पहले की तरह स्वतंत्र जीवन नहीं जी पा रही हैं और हमेशा कड़ी सुरक्षा के बीच रहना पड़ता है। नूपुर शर्मा ने कहा कि अगर आज वह जीवित हैं तो इसका श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जाता है। उनके अनुसार, अगर उन्हें सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग न मिलता, तो शायद वह और उनका परिवार सुरक्षित नहीं रह पाता।

2022 की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
जून 2022 में ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े मुद्दे पर एक टीवी डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद देश के कई हिस्सों में मुस्लिम समाज के लोगों ने कड़ा विरोध किया।

यह मामला सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं रहा। कई मुस्लिम देशों में भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुए और भारत सरकार से नाराजगी जताई गई। विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

मिलीं जान से मारने की धमकियां
विवाद के बाद नूपुर शर्मा को कई तरह की धमकियां मिलने लगीं। कुछ कट्टरपंथी समूहों की तरफ से उन्हें “सिर तन से जुदा” जैसी गंभीर धमकियां भी दी गईं। इन खतरों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें कड़ी सुरक्षा दी। तब से वह पुलिस सुरक्षा में रह रही हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बहुत कम दिखाई देती हैं।

महिला सम्मेलन में साझा किया अपना दर्द
14 मार्च को आयोजित एक महिला सम्मेलन में नूपुर शर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वह यहां आंकड़े बताने नहीं आई हैं, बल्कि अपने जीवन की सच्चाई बताना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल से वह अपनी आजादी खोकर जी रही हैं। उनका कहना था कि शायद ही कोई महिला इतनी कठिन परिस्थिति में जीवन बिता रही होगी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर वह आज सांस ले पा रही हैं और सुरक्षित हैं, तो यह सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की वजह से संभव हो पाया है।

बेटियों को सेल्फ डिफेंस सिखाने की सलाह
नूपुर शर्मा ने अपने भाषण में लड़कियों को आत्मनिर्भर और मजबूत बनने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें पढ़ाया-लिखाया और वकील बनाया, लेकिन अगर उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) की ट्रेनिंग भी दिलाई होती, तो वह अपने परिवार की बेहतर तरीके से रक्षा कर पातीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी मजबूत बनना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।

महिलाओं की सुरक्षा में बदलाव का दावा
नूपुर शर्मा ने यह भी कहा कि पिछले 15 सालों में देश, खासकर दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले अखबारों में अक्सर महिलाओं के साथ अपराध और दुष्कर्म की खबरें पढ़ने को मिलती थीं, जिससे लोगों के मन में डर बना रहता था। परिवार अपनी बेटियों को रात में बाहर जाने से रोकते थे। लेकिन आज स्थिति पहले से बेहतर है और कई परिवार अब अपनी बेटियों को काम के लिए बाहर भेजने से पहले जितना डरते थे, उतना नहीं डरते।

बेटियों को पढ़ाने के साथ सशक्त बनाना जरूरी
अपने भाषण के अंत में नूपुर शर्मा ने कहा कि बेटियों को पढ़ाना बहुत जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ उन्हें मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि बेटियों को सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की क्षमता भी दी जानी चाहिए, ताकि वे हर परिस्थिति में खुद को सुरक्षित रख सकें।

 

Exit mobile version