भिवानी। प्रदेश में सरकार की ओर से छात्राओं के संपूर्ण विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए स्कूल में भोजन की व्यवस्था की गई है। अब नौवीं से बारहवीं तक की बेटियों को भी दूध और पोषण युक्त चॉकलेट दी जा रही है।
पहले आठवीं तक के बच्चों को ही स्कूल समय में मिड डे मील की सुविधा थी और नौवीं से 12वीं कक्षा तक के बेटियों के लिए भोजन संबंधी कोई व्यवस्था नहीं थी। अब राज्य सरकार ने इसे 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बेटियों को भी पोषक तत्व उपलब्ध करवाने के तहत यह योजना शुरू की है। इस योजना के तहत हरियाण सरकार ने विशेष बजट का भी प्रावधान किया है।
इस संबंध में डॉ. सुधा ने बताया कि यह स्कीम हरियाण राज्य सरकार की ओर से बेटियों के पोषण के लिए चलाई है। इसे अब बढ़ाकर 9वीं से 12वीं कक्षाओं में भी लागू कर दिया है। 9वी से 12वीं कक्षा के बेटियों के लिए शुरू की इस पोषण योजना के तहत स्कूली बच्चियों को चॉकलेट चॉकलेट बार दी जाती है। जो की प्रोटीन से भरपूर है जिसमे ज्वार और मूंगफली सहित अन्य पोषक तत्व होते हैं। एक दिन उन्हें दूध देना होता है, जिसके दूध के पैकेट भी स्कूलों में पहुंचाए गए है।
इन दूध के पाउडर के पैकेट को बच्चियों को प्रति दूसरे दिन पिलाया जाता है। स्कूलों में बच्चियों के लिए एक दिन दूध, दूसरे दिन चॉकलेट बार क्रमवार रूप से पोषण के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं। यह योजना 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है. साथ ही बड़ी कक्षा के बच्चों ड्राप्ट आऊट न हो, उसका लाभ भी मिल रहा है और स्कूली बच्चें भोजन के अभाव में स्कूल में ही बने रहते है।
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