भुवनेश्वर। ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने सोमवार को राज्य सरकार से 20 वर्षीय कॉलेज छात्र के आत्मदाह का प्रयास करने और स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में रिपोर्ट मांगी। कंभमपति ने यह कदम ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक द्वारा राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करने के एक दिन बाद उठाया है। शनिवार को बालासोर में फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज के परिसर में द्वितीय वर्ष की एकीकृत बीएड छात्र ने आत्मदाह का प्रयास किया था।
कंभमपति ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा: एफएम (स्वायत्त) कॉलेज, बालासोर की छात्र से जुड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज से बात की, छात्र का वर्तमान में एम्स भुवनेश्वर में इलाज चल रहा है। मैंने उन परिस्थितियों के बारे में विवरण मांगा जिनके कारण यह घटना हुई और स्थिति से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी मांगी। राज्यपाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा कि ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और सहायता प्रदान करने तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय शुरू कर दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मैं उसकी (छात्र के) शीघ्र स्वास्थ्य सुधार और उसे आतंरिक ताकत देने के लिए भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं तथा उम्मीद करता हूं कि वह जल्द ठीक होगी। छात्रों की सुरक्ष, मानसिक कुशलता एवं गरिमा की हर समय सुरक्षा की जानी चाहिए। मैं अधिकारियों से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तत्परता, सहानुभूति एवं जिम्मेदारी के साथ काम करने का अनुरोध करता हूं।’’ राज्यपाल ने कहा, मैंने छात्र के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने के लिए एम्स भुवनेश्वर के निदेशक से भी बात की। एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों की एक टीम उसके इलाज में सहायता कर रही है। बीस वर्षीय कॉलेज छात्र ने कथित तौर पर एक शिक्षक द्वारा यौन उत्पीड़न के मामले में न्याय नहीं मिलने पर शनिवार को बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली।
राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने एफएम कॉलेज के प्रधानाचार्य दिलीप घोष और विभागाध्यक्ष समीरा कुमार साहू को पहले ही निलंबित कर दिया है। यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपी साहू को भी शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

