लुधियाना Fast Food: ये तस्वीरें विचलित कर सकती हैं, उन लोगों को चाव से फास्ट फूड, गोलगप्पे व अन्य सामान खाते हैं। रेहड़ियों व दुकानों पर तो सब कुछ साफ व हाइजैनिक दिखाने की कोशिश की जाती है लेकिन सच्चई बयां करतीं यह तस्वीरें तब सामने आईं, जब सेहत विभाग की टीमें उन जगहों पर पहुंची, जहां पर यह सामान तैयार होता है। वहां के हालात इतने गंदे थे कि अफसरों को भी उबकाई आने लगी। उन्होंने इतनी गंदगी में सामान बनाकर लोगों को खिलाने वालों को अफसरों ने खूब फटकारा। इसके साथ ही काफी सामान को मौके पर फिंकवा दिया गया।

स्टेट हैडक्वार्टर से पूरे पंजाब में मुहिम चलाने के निर्देश पर जिला सेहत विभाग ने यह कार्रवाई पिछले तीन दिनों में की है। इस चैकिंग का फोकस गोलगप्पे व फास्ट फूड रहा। तीन दिन में 60 सैंपल भरे गए। इनमें से कई सैंपल गोलगप्पों के पानी के हैं। गोलगप्पे के पानी के कैमिकल टैस्ट के अलावा मोइक्रोबायोलॉजी टैस्ट भी करवाया जाएगा ताकि यह पता लगे कि इस पानी में बैक्टीरिया तो नहीं था।
गंदे माहौल में बन रहा था फास्ट फूड, चटनियों में मिलाए जा रहे थे नुक्सानदायक रंग
कैलाश नगर के एक घर में टीम पहुंची तो वहां पर बहुत ही गंदे माहौल में फास्ट फूड का सामान तैयार किया जा रहा है। चटनियों में नुक्सान पहुंचाने वाले रंग मिलाए जा रहे थे। इस सारे सामान को नष्ट करवा दिया गया। वहीं बर्गर बन का सैंपल ले लिया गया। उसका अनहाइजैनिक कंडीशन का चालान भी काटा गया।
जहां नमकीन बन रहा था, वहां घूम रहे थे चूहे
एक मिठाई की वर्कशाप में टीम पहुंची तो वहां के हालात भी बहुत गंदे थे। अफसरों के मुताबिक जिस जगह पर नमकीन तैयार हो रहा था, वहीं पर चूहे घूम रहे थे। आरओ प्लांट भी नहीं लगा हुआ था। यहां से यूज्ड ऑयल का सैंपल भरा गया। इस हलवाई का अनहाइजैनिक कंडीशन का चालान काटा गया। इसके अलावा एक अन्य दुकानदार को भी अनहाइजैनिक कंडीशन का चालान थमा दिया गया। यह चालान कोर्ट में भेजे जाएंगे।