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क्या आतंकी मूसा का अगला निशाना ‘अमरनाथ यात्रा’ थी? अगर देरी होती तो…

Poonch Indian Army

Poonch Indian Army

Operation Mahadev : कश्मीर घाटी में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सुलेमानी समेत तीन आतंकियों को मार गिराया है। यह कार्रवाई सोमवार देर शाम हारवन इलाके के ऊपरी हिस्से में की गई, जहां आतंकियों के एक दल के छिपे होने की जानकारी मिली थी।

सूचना के आधार पर शुरू हुआ ऑपरेशन
खुफिया एजेंसियों को कुछ दिन पहले संकेत मिले थे कि आतंकियों का एक समूह श्रीनगर या उसके आस-पास किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। जानकारी के अनुसार, संभावित लक्ष्यों में ‘अमरनाथ यात्रा’, सुरक्षाबलों की गश्त और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थल शामिल थे। खतरे की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जमीनी नेटवर्क को सक्रिय किया।

संचार संकेतों से मिला बड़ा सुराग
सूत्रों के अनुसार, हारवन के ऊपरी इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों के बीच आतंकी संचार संकेतों को इंटरसेप्ट किया गया। इसके बाद फकीरगुजरी क्षेत्र के दागवान बहक में एक सुनियोजित तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें सुरक्षाबलों को महत्वपूर्ण सुराग मिले। कुछ स्थानीय संदिग्धों से पूछताछ के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों के छिपे होने की सही लोकेशन की पुष्टि की।

तीन आतंकियों को किया ढेर
सेना की 24 राष्ट्रीय राइफल्स, 50 आरआर और 04 पैरा स्पेशल फोर्सेज ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम दिया। घेराबंदी के बाद मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया गया। मरने वालों में सुलेमानी के अलावा हमजा अफगानी और जिब्रान की पहचान की बात सामने आई है। हालांकि सुरक्षा बालों ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

लश्कर-ए-तैयबा से था कनेक्शन
खुफिया सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकियों में शामिल हाशिम मूसा, लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था और इससे पहले पाकिस्तानी सेना के स्पेशल स्ट्राइक ग्रुप (SSG) में कमांडो रह चुका था। यह जानकारी एक बार फिर पाकिस्तान की आतंकवाद में संलिप्तता को उजागर करती है।

एक बड़ी साजिश को विफल किया गया
सूत्रों का मानना है कि यदि सुरक्षाबल कुछ घंटे भी देरी करते, तो आतंकी अपने ठिकाने से निकलकर बड़े हमले को अंजाम दे सकते थे। ऑपरेशन महादेव की सफलता न सिर्फ श्रीनगर में एक बड़ी त्रासदी को टल गई, बल्कि अमरनाथ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया।

 

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