Operation Sindoor discussion : ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर आज लोकसभा में 16 घंटे की बहस होनी थी लेकिन विपक्ष की ओर से हंगामा करने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही 1 बजे तक के लिए स्थागित कर दिया। सदन से बहार आकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने ब्यान में कहा, “सदन में सब तैयार थे, सभी दलों का मत था कि आज ऑपरेशन सिंदूर पर 12:15 बजे चर्चा शुरू होनी थी, उससे 10 मिनट पहले विपक्षी दलों ने एक नया मुद्दा उठाया कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से पहले सरकार एक लाइन ऑफ़ कमिटमेंट दे कि इसके बाद SIR पर चर्चा होगी, संसद ऐसे नहीं चलती।”
उन्होंने कहा, “सदन में एक-दूसरे की बात सुनकर और फिर BAC(बिजनेस एडवाइजरी कमेटी) की बैठक करके फैसला लिया जाता है, जब ये तय हुआ था कि आज सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करेंगे और 16 घंटे का समय दिया गया था, तो अचानक चर्चा से 10 मिनट पहले शर्तें लाना ठीक नहीं है। कांग्रेस और विपक्षी दल ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से क्यों भाग रहे हैं?”
#WATCH | दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आधे घंटे बाद जब संसद दोबारा शुरू होगी तो जो शर्तें लेकर वे आए हैं वह नहीं चलेगी। रक्षा मंत्री शुरुआत में इस(ऑपरेशन सिंदूर) पर प्रस्ताव रखेंगे और जब रक्षा मंत्री चर्चा शुरू करें तो उनकी बात सुनें और विपक्षी दल… pic.twitter.com/2ep7zYSUqV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 28, 2025
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू होने से पहले 1 बजे तक लोकसभा स्थगित होने के बाद कहा, “अगर मैं बोलूंगा तो यह अंदर (सदन में) होगा… मुझे इसकी (लोकसभा के स्थगन की) जानकारी है… मेरा मौका अंदर है।”
#WATCH कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू होने से पहले 1 बजे तक लोकसभा स्थगित होने के बाद कहा, “अगर मैं बोलूंगा तो यह अंदर (सदन में) होगा… मुझे इसकी (लोकसभा के स्थगन की) जानकारी है… मेरा मौका अंदर है।” pic.twitter.com/IyMcKbhl0f
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 28, 2025
इससे पहले 12 बजे संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष की ओर से बेल के अंदर आकर हंगामा किया गया। इस पर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “पहले आप ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग करते हैं, फिर सदन में वेल में आ जाते हैं। अगर आप चर्चा में भाग लेना चाहते हैं, तो कृपया अपनी सीट पर बैठ जाएं। क्या आप ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा चाहते हैं या नहीं?…क्या मुझे सदन की कार्यवाही स्थगित कर देनी चाहिए?”

