Last Updated: September 21, 2026

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केंद्रीय बजट 2026 पर विपक्ष ने उठाए सवाल, कहा- यह बजट आम लोगों की समझ से बाहर

February 1, 2026

केंद्रीय बजट 2026 पर विपक्ष ने उठाए सवाल, कहा- यह बजट आम लोगों की समझ से बाहर

नेशनल डेस्क: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कांग्रेस नेता शशि थरूर, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस सहित कई नेताओं ने बजट को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बजट में बड़े ऐलान तो किए गए, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसकी साफ तस्वीर नहीं दिखती।

शशि थरूर ने केरल की अनदेखी का लगाया आरोप

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वित्त मंत्री के भाषण में बहुत कम ठोस जानकारी दी गई। बजट में केवल 3-4 बड़ी बातें ही सामने आईं। यह साफ नहीं किया गया कि यह संस्थान कहां बनाया जाएगा। केरल में आयुर्वेद की लंबी और मजबूत परंपरा रही है, इसलिए वहां इसकी बहुत जरूरत है, लेकिन बजट भाषण में केरल का नाम तक नहीं लिया गया। वित्त मंत्री ने नारियल का जिक्र जरूर किया, लेकिन साफ तौर पर केरल का उल्लेख नहीं किया गया और देश में सबसे ज्यादा नारियल उत्पादन केरल में होता है। वाराणसी और पटना जैसे शहरों का नाम लिया गया, लेकिन केरल को नजरअंदाज कर दिया गया। इस सरकार की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वादे बहुत किए जाते हैं, लेकिन उन्हें लागू करने में कमी रह जाती है।

अखिलेश यादव ने बजट को बताया ज़मीनी हकीकत से दूर

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह बजट आम लोगों, खासकर गरीबों की समझ से बाहर है। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, तो ‘विकसित भारत’ का सपना कैसे पूरा होगा। उनका कहना था कि बिना मजबूत शिक्षा व्यवस्था के देश का विकास संभव नहीं है।

कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने जताई उम्मीद

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बजट पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह देखना जरूरी है कि क्या यह बजट भारत को विकसित देशों के स्तर तक ले जाने में सक्षम है या नहीं। देश को एक समान और संतुलित बजट की जरूरत है, जिससे हर वर्ग और हर राज्य को बराबर लाभ मिल सके।

टीएमसी ने बजट को बताया निराशाजनक

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने बजट में कोई नई योजना पेश नहीं की और पुरानी योजनाओं को ही दोहराया गया। किसी भी राज्य को विशेष लाभ नहीं दिया गया और खासकर पश्चिम बंगाल को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

कुल मिलाकर विपक्ष का आरोप

कुल मिलाकर विपक्षी दलों का कहना है कि बजट 2026 में बड़े दावे तो किए गए हैं, लेकिन इसमें स्पष्ट दिशा, ठोस योजना और सभी राज्यों को समान महत्व देने की कमी नजर आती है। अब सभी की निगाहें बजट के विस्तृत दस्तावेजों पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि इन घोषणाओं का असली असर क्या होगा।

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