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सत्ता और कुर्सी जाने के भय से विपक्ष कर रहा जनहित कानून का विरोध : PM Modi

गयाजी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि संविधान संशोधन के जरिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ जनहित के नए कानून के दायरे में शामिल किए जाने का विपक्ष अपनी सत्ता और कुर्सी जाने की बौखलाहट से विरोध कर रहा है। मोदी ने गयाजी में शुक्रवार को एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री अथवा किसी भी मंत्री को जेल से शासन करने नहीं देगी।

उन्होंने कहा कि संविधान हर जन प्रतिनिधि से ईमानदारी की उम्मीद करता है और किसी भी कीमत पर उनकी सरकार संविधान की मर्यादा को तार-तार नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सरकार ने एक ऐसा कानून लाया है जिसके साए में देश का प्रधानमंत्री भी है। इसमें मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि जब यह कानून बन जाएगा, उसके बाद प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री, गिरफ्तारी के 30 दिन के अंदर उन्हें जमानत लेनी होगी। उन्होंने कहा कि 30 दिनों के अंदर जमानत नहीं मिलने की स्थिति में 31वें दिन उन्हें स्वयं कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामपंथी पार्टियां इस कानून का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 30 दिन से अधिक की न्यायिक हिरासत के बाद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की स्वत: बर्खास्तगी के संविधान संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दल गुस्से में है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा है जबकि स्वतंत्रता के बाद से देश की सत्ता में 60 से 65 वर्षो तक रही कांग्रेस के भ्रष्टाचार की लंबी सूची है। उन्होंने कहा कि राजद के भ्रष्टाचार को भी बच्चा-बच्चा जानता है।

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