नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान आज विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध का नया तरीका अपनाया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्रों से जुड़े मुद्दों और पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। मकर द्वार के सामने एकजुट हुए सांसदों ने सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने का आरोप लगाया।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई बना मुख्य मुद्दा
विपक्ष का कहना है कि हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस का रवैया सख्त रहा और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ-साथ विपक्षी नेताओं के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया। सांसदों ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों और युवाओं की चिंताओं पर सरकार पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है।
#WATCH दिल्ली: काले कपड़े पहनकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। pic.twitter.com/FUn5TdMpOw
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 22, 2026
पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला
विपक्षी नेताओं ने परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं और बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उनका कहना है कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही रोजगार के अवसरों की कमी को भी सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए गए।
पिछले दिन की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन
विपक्षी सांसदों ने बताया कि काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करने का फैसला पिछले दिन हुए घटनाक्रम के विरोध में लिया गया। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के कई नेताओं के साथ पुलिस ने सख्ती की, जिसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया गया।
कई शहरों में भी हुआ विरोध
दिल्ली के अलावा देश के कई अन्य शहरों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विपक्षी समर्थकों ने प्रदर्शन किए। विभिन्न स्थानों पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें परीक्षा पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।
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राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
संसद के भीतर और बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्ष लगातार शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है, जबकि सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर इन मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

