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‘युद्ध भड़काने के लिए अग्रिम मोचरें की ओर बढ़ रही है पाकिस्तान सेना’

नई दिल्ली। भारत ने आज कहा कि पाकिस्तान युद्ध भड़काने की अपनी नापाक साजिश के तहत पश्चिमी क्षेत्र में ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलों और लड़ाकू विमानों से लगातार हमले कर रहा है तथा अग्रिम क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है जिससे स्थिति को और बिगाड़ने एवं भड़काने की उसकी मंशा दिख रही है। इसी के साथ पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियों द्वारा विभिन्न स्थानों, विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमला करने और उन्हें नष्ट करने आदि के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से झूठा प्रचार किया जा रहा है।

भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने पाकिस्तान की हर हरकत को नाकाम किया

विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सौफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने शनिवार सुबह यहां एक विशेष ब्रीफिंग में संवाददाताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शुक्रवार एवं शनिवार की दरमियानी रात एवं सुबह पश्चिमी क्षेत्र में ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलों और लड़ाकू विमानों से लगातार हमले कर 26 से अधिक स्थानों पर हवाई घुसपैठ की नाकाम कोशिश की जानकारी दी और कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने पाकिस्तान की हर हरकत को नाकाम कर जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किये जिनमें दुश्मन को भारी नुकसान हुआ है। कर्नल कुरैशी ने यह भी कहा है कि पाकिस्तानी सेना के सैनिकों को अग्रिम मोचरें की ओर कूच करते देखा गया है जो युद्ध को भड़काने वाली कार्रवाई है। उसने कहा है कि पाकिस्तान अभी भी भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की भ्रामक जानकारी दे रहा है साथ ही वह भारत में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की नापाक कोशिश भी कर रहा है।

कर्नल कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान सेना ने पूरे पश्चिम मोर्चे पर लगातार आक्रामक गतिविधियां जारी रखीं, उसमें यूसीएवी ड्रोन, लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाले हथियारों, विस्फोटक युक्त ड्रोनों और लड़ाकू विमानों का उपयोग कर भारतीय सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। नियंत्रण रेखा पर भी ड्रोन घुसपैठ और भारी कैलिबर हथियारों से गोलाबारी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर श्रीनगर से नलिया तक 26 से अधिक स्थानों पर हवाई घुसपैठ के प्रयास किए गए। भारतीय सशस्त्र बलों ने अधिकांश खतरों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया। फिर भी वायु सेना स्टेशनों पर उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज, भटिंडा स्टेशन इन सब पर उपकरण और सैनिकों को हानि पहुँचाई।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हाईस्पीड मिसाइल सुबह 1 बजकर 40 मिनट पर इस्तेमाल करके पंजाब के एक एयरबेस स्टेशन को ध्वस्त करने की कोशिश की। सिरसा में वायु सेना स्टेशन के नष्ट होने का दावा पूरी तरह से झूठा है, जैसा कि आपने देखा है। सूरतगढ़ में वायु सेना स्टेशन के नष्ट होने का दावा भी पूरी तरह से झूठा है। एक बार फिर यह दावा किया गया है कि आदमपुर में एस-400 बेस को नष्ट कर दिया गया, यह पूरी तरह से झूठा है। भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, बिजली प्रणालियों, साइबर प्रणालियों आदि के बड़े हिस्से पर हमला करके उन्हें नष्ट करने के बारे में दावे किए गए हैं, जो पूरी तरह से झूठे हैं। उन्होंने अपील की कि देशवासी इस झूठ के जाल में न फंसें, जिसे पाकिस्तानी सरकार स्पष्ट उद्देश्यों के लिए फैला रही है।

कर्नल कुरैशी ने कहा कि एक निंदनीय और गैर पेशेवराना हरकत के तहत पाकिस्तान ने श्रीनगर, अवंतीपुर और ऊधमपुर के वायु सेना अड्डों पर चिकित्सा केंद्र और स्कूल परिसर को निशाना भी बनाया, जिससे उसके द्वारा सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने की गैर जिम्मेदाराना प्रवृत्ति फिर उजागर हुई। पाकिस्तान द्वारा सैन्य ठिकानों को जानबूझकर निशाना बनाने के पश्चात भारतीय शस्त्र बलों ने त्वरित एवं सुनियोजित जवाबी हमले के तकनीकी उपकरणों, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, रडार साइट और हथियार भंडार को चुनकर निशाना बनाया गया। रफ़ीकी, मुरीदके, चकलाला, रहीमयार खान, सुक्कुर, पश्चिमी स्थित पाक सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हथियारों और लड़ाकू जेट से प्रहार किए गए। पसूर स्थित रडार साइट और सियालकोट का हवाईअड्डे पर भी सटीकता से प्रहार किया गया।

उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों के दौरान भारत ने निदरेष जानमाल की कम से कम क्षति सुनिश्चित की। चिंता का विषय ये रहा कि पाकिस्तान ने लाहौर से उड़ान भरने वाले नागरिक विमानों की आड़ लेकर अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों का दुरुपयोग किया, ताकि वे अपनी गतिविधियाँ छुपा सके। ऐसी चालों ने भारतीय वायु प्रतिरक्षा तंत्र को नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अत्यधिक संयम के साथ कार्य करने के लिए विवश किया। साथ ही साथ पाकिस्तान ने दुष्प्रचार का सहारा लेते हुए आदमपुर स्थित एस-400 प्रणाली, सूरतगढ़ और सिरसा के हवाई अड्डों, नगरोटा के ब्रह्मोस बेस, डेहरागिरी के तोपखाना पोज़ीशन, तथा चंडीगढ़ के अग्रिम गोलाबारूद डिपो के नष्ट करने के झूठे दावे सोशल मीडिया पर फैलाए। भारत इन झूठे प्रचारों को पूर्णत: ख़ारिज करता है। नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान ने ड्रोन घुसपैठ और भारी तोपख़ाना गोलाबारी के कई प्रयास किए। कुपवाड़ा, बारामुला, पुंछ, राजौरी और अखनूर सेक्टर्स में तोप, मोर्टार, एवं हल्के हथियारों से भीषण गोलाबारी जारी रही। भारतीय सेना ने प्रभावी और तुलनात्मक प्रत्युत्तर देते हुए पाक सेना को काफ़ी क्षति पहुँचाई।

कर्नल कुरैशी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सेना के अग्रिम क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ती दिख रही है जो स्थिति को और भड़काने की मंशा दर्शाती है। भारतीय सशस्त्र बल पूर्ण परिचालन तत्परता की स्थिति में है। अभी तक सभी शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों का प्रभावी ढंग से सामना कर उपयुक्त जवाब दिया गया है। भारतीय सशस्त्र बल दोहराते हैं कि वे तनाव वृद्धि नहीं चाहते, बशर्ते पाकिस्तान भी ऐसा ही व्यवहार करें।’’ विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा की गई गतिविधियों के बारे में किए गए दावे झूठ, गलत सूचना और दुष्प्रचार पर आधारित हैं। और उससे भी बढ़कर, यह सब पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियों द्वारा फैलाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों, विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमला करने और उन्हें नष्ट करने के बारे में उनके द्वारा किए गए दावे पूरी तरह से झूठे हैं।

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