इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठनों को लेकर एक चिंताजनक जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा बड़े स्तर पर महिलाओं की भर्ती कर रहे हैं, जिन्हें आत्मघाती दस्तों के रूप में तैयार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी जमात-उल-मोमिनात को दी गई है, जो जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा मानी जाती है। खुफिया जानकारी के अनुसार, 18 अप्रैल को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद के गोजर इलाके में स्थित एक कॉलेज में महिलाओं के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र करीब 10 घंटे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं को बुलाया गया और उनकी भर्ती की गई।
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सूत्रों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में 150 से ज्यादा महिलाएं शामिल हुईं। इस दौरान आतंकी संगठन से जुड़े कई प्रमुख लोग भी मौजूद थे, जिनमें मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर और पीओके के कुछ कमांडर शामिल बताए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचा दी गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान की सेना इस तरह की गतिविधियों को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दे रही है। सुरक्षा मामलों के जानकार और पूर्व सैन्य अधिकारी हरदीप सिंह विरदी का कहना है कि पाकिस्तान की रणनीति में अब महिलाओं को भी आतंकवादी गतिविधियों के लिए तैयार करना शामिल हो गया है। उनका दावा है कि इसी वजह से महिला संगठनों को आगे कर भर्ती और प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा हरकत-उल-मुजाहिदीन से जुड़ी महिलाओं की भूमिका भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन्हें जम्मू-कश्मीर समेत भारत के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय करने की योजना बनाई जा रही है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस शुरुआती सत्र के बाद महिलाओं के लिए दो और बड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंतिम चरण में मसूद अजहर के खुद शामिल होने की बात भी कही गई है। इस बैठक के दौरान महिलाओं को जम्मू-कश्मीर के नक्शे के साथ वहां के जिलों और जनसंख्या से जुड़ी जानकारी भी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि मई के तीसरे हफ्ते में इन्हें लाहौर में आगे की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, इससे पहले भी 17 जनवरी को लाहौर के एक महिला लॉ कॉलेज और बहावलपुर स्थित एक केंद्र में इसी तरह के कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें करीब 90 महिलाओं ने हिस्सा लिया था। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित खतरों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।

