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तेल संकट को लेकर पाक पेट्रोलियम मंत्री का छलका दर्द, कहा- हमारे पास एक दिन का भी पेट्रोल नहीं, भारत की स्थिति बेहतर

Ali pervaiz malik

Ali pervaiz malik

इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब पाकिस्तान पर भी दिखाई देने लगा है। देश में ईंधन संकट की आशंका बढ़ गई है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि देश के पास एक दिन के लिए भी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार नहीं है।

मलिक ने कहा कि पाकिस्तान के पास कोई भी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार मौजूद नहीं है। फिलहाल देश के पास केवल 5 से 7 दिनों के लिए कच्चे तेल का कमर्शियल स्टॉक है। वहीं तेल कंपनियों के पास मौजूद रिफाइंड ईंधन भी सिर्फ 20 से 21 दिनों तक ही चल सकता है।

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उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की स्थिति इससे काफी बेहतर है। भारत के पास 60 से 70 दिनों तक चलने वाला रणनीतिक भंडार है, जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके मुकाबले पाकिस्तान इस मामले में काफी पीछे है।

मलिक ने यह भी माना कि मौजूदा हालात ने पाकिस्तान की ऊर्जा तैयारियों की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। देश में तेल भंडारण क्षमता बढ़ाने को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, लेकिन अभी तक उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसकी मुख्य वजह लागत है, क्योंकि इस तरह के भंडार बनाने में अरबों रुपये खर्च हो सकते हैं।

उन्होंने वैश्विक तेल बाजार की स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जो पहले कभी इतने स्तर तक नहीं पहुंचा था। यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का संकेत है।

सरकार की ओर से राहत देने के प्रयासों पर बात करते हुए मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार आम लोगों पर बोझ कम करने की कोशिश कर रही है। जहां संभव हो, वहां सब्सिडी भी दी जा रही है, ताकि बढ़ती कीमतों का असर कम किया जा सके।

दूसरी ओर भारत के पास लगभग 5.33 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है, जो लगभग 37 मिलियन बैरल के बराबर है। जबकि पाकिस्तान के पास ऐसा कोई सुरक्षित भंडार नहीं है। हालांकि, भविष्य में पाकिस्तान ने 90 दिनों तक का तेल भंडार बनाने की योजना जरूर जताई है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों को देखते हुए।

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