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PPC 2026: ‘लक्ष्य कभी भी आसान नहीं होना चाहिए…’, ‘परीक्षा पे चर्चा’ में PM मोदी की छात्रों को सीख

pm modi priksha par charcha

Pariksha Pe Charcha 2026 Live : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सालाना ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) कार्यक्रम में देशभर के छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। 2026 के 9वें एडिशन में पीएम छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव-मुक्त रहने में मदद करने और लर्निंग पर फोकस रहा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों को आत्मविश्वास, संतुलन और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया।

 

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खुद पर विश्वास रखें
प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन में कई लोग आपको अलग-अलग सलाह देंगे-माता-पिता, शिक्षक, दोस्त या रिश्तेदार। लेकिन सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा रखना। साथ ही, परीक्षा की तैयारी को लेकर जो भी अच्छे सुझाव मिलें, उन्हें ध्यान से अपनाना चाहिए।

 

बात की शुरुआत कैसे हुई
पीएम मोदी ने चर्चा की शुरुआत स्किल (कौशल) की बात से की। उन्होंने कहा कि सिर्फ किताबों की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जीवन में काम आने वाली स्किल्स भी बहुत जरूरी हैं।

 

इस बार की थीम क्या है

इस साल “परीक्षा पे चर्चा” की तीन खास थीम रहीं:

  1. परीक्षा को उत्साह से लें

छात्र परीक्षा को डर या तनाव के रूप में न देखें।
इसे एक अवसर समझें, जहाँ आप अपनी तैयारी और मेहनत दिखा सकते हैं।

  1. पर्यावरण की सुरक्षा

बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। पेड़-पौधे, पानी, स्वच्छ हवा-इन सबकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

  1. स्वच्छ भारत का संदेश

प्रधानमंत्री ने सफाई के महत्व को फिर से दोहराया। घर, स्कूल और आसपास साफ़ रखना अच्छी आदत और जिम्मेदारी है।

 

छात्रों के लिए पीएम मोदी का गुरुमंत्र
पीएम मोदी ने कहा कि यह “परीक्षा पे चर्चा” का 9वां संस्करण है और इसके जरिए वे हजारों छात्रों से जुड़ चुके हैं। उन्होंने बच्चों को कहा परीक्षा जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, तनाव से दूर रहकर तैयारी करें, समय का सही उपयोग करें, असफलता से घबराएँ नहीं, उससे सीखें।

 

स्किल और पढ़ाई-दोनों जरूरी

-एक छात्र ने पूछा कि ज्यादा जरूरी क्या है-मार्क्स या स्किल?

-इस पर पीएम मोदी ने बहुत आसान उदाहरण दिया। उन्होंने कहा जैसे सोना जरूरी है, वैसे पढ़ना भी जरूरी है। हर चीज में संतुलन होना चाहिए। एक तरफ झुकेंगे तो गिर जाएंगे।

लाइफ स्किल (जीवन कौशल)

-समय पर उठना

-काम की जिम्मेदारी समझना

-रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें सीखना

-ये सब जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी हैं।

प्रोफेशनल स्किल (पेशेवर कौशल)

पीएम मोदी ने उदाहरण देकर समझाया

-डॉक्टर को किताबों के साथ मरीजों से जुड़कर सीखना होता है

-वकील को कानून की धाराएँ याद होने के साथ अदालत का अनुभव भी चाहिए

-प्रोफेशनल बनने के लिए लगातार नई चीजें सीखनी पड़ती हैं

-टेक्नोलॉजी सीखना आज के समय में बेहद जरूरी है

-उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्किल जुड़वा बहनें हैं-दोनों साथ होंगी तभी सफलता मिलेगी।

 

मानसी ने सुनाया गाना


“तू बढ़ता चल, तू बढ़ता चल
कुछ करता चल, सारी दुनिया तेरे पीछे
मुश्किलों से लड़ता चल
तू बढ़ता चल, तू आगे बढ़ता चल…”

इस गीत ने पूरे माहौल को जोश और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम में 4,50,13,379 लोगों ने हिस्सा लिया
इस साल कुल 4,50,13,379 लोगों ने हिस्सा लिया है। इनमें से 4,19,14,056 छात्र, 24,84,259 शिक्षक और 6,15,064 माता-पिता ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

 

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