नई दिल्ली : अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद में गतिरोध कायम रहा और दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। हालांकि हंगामे के बीच ही दोनों सदनों ने एक-एक विधेयक को मंजूरी दे दी। लोकसभा ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। उधर राज्यसभा ने संक्षिप्त चर्चा के बाद जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया।
लोकसभा की सुबह 11 बजे बैठक शुरू होते ही विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। वे अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे थे। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन ने बिना चर्चा के इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
पीठासीन सभापति द्वारा बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद भी शोरगुल नहीं थमने पर दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी इन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। लगातार नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
2 बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे बैठक शुरू होने पर भी सदन में हंगामा जारी रहा और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शोरगुल के बीच ही जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा एवं पारित करने के लिए पेश किया। विपक्षी सदस्यों ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति को लेकर नारे भी लगाए। हंगामे के बीच ही विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा हुई और गृह राज्य मंत्री राय ने चर्चा का जवाब दिया। मंत्री के जवाब के बाद उपसभापति हरिवंश ने दोपहर 2 बज कर 50 मिनट पर बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

