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Parliament Monsoon Session: राज्यसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा, कार्यवाही 11 अगस्त तक स्थगित

नई दिल्ली: राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते सभापति को कार्यवाही को स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा। अब राज्यसभा की अगली बैठक 11 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर हिंसा और कुछ अन्य संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इन मुद्दों पर फिलहाल कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से विपक्ष और आक्रामक हो गया है।

संसद के मॉनसून सत्र में आज एक बार फिर से विपक्ष और सरकार के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। टैरिफ से जुड़े मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सदन में जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। वहीं राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित

विपक्ष के जोरदार हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है।

संसद की कार्यवाही शुरू

संसद की कार्यवाही शुरू हो गई है। संसद के दोनों सदनों में पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि दी गई।

SIR को लेकर विपक्ष का विरोध तेज

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध और भी मुखर होता जा रहा है। विपक्षी गठबंधन INDIA के सांसदों ने संसद भवन परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि यह पुनरीक्षण राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है और इससे निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

सदन में गूंजे नारे, कार्यवाही बाधित

लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विपक्षी सांसदों ने SIR के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सदन के भीतर पोस्टर लहराते हुए सांसदों ने इस प्रक्रिया को “लोकतंत्र के खिलाफ साजिश” बताया। हंगामे के चलते कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित भी हुई।

सरकार आज पेश करेगी कई अहम विधेयक

विपक्ष के विरोध के बीच केंद्र सरकार आज संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें डिजिटल डाटा सुरक्षा, शिक्षा सुधार और कृषि क्षेत्र से जुड़े विधेयक शामिल हैं। राजनीतिक माहौल गरमाने के बावजूद सरकार का रुख स्पष्ट है कि वह विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी।

क्या है SIR और क्यों है विवाद?

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत कुछ समुदायों को टारगेट किया जा रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष को इसमें राजनीतिक साजिश की बू नजर आ रही है।

खेल प्रशासन और बंदरगाह विकास पर नए कानून

खेल प्रशासन से जुड़े नए विधेयक को लेकर सरकार की मंशा साफ है खेलों के प्रबंधन और पारदर्शिता में सुधार। इस विधेयक में खेल संस्थाओं की जवाबदेही, वित्तीय निगरानी और खिलाड़ियों की भलाई को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे देश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन और बेहतर होगा।

इसी कड़ी में केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025 भी सदन में पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य देश के बंदरगाह तंत्र को आधुनिक बनाना, लॉजिस्टिक्स को सरल बनाना और भारत की तटीय क्षमता का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है। इसमें राज्य मेरीटाइम बोर्ड और मेरीटाइम स्टेट डेवेलपमेंट काउंसिल के गठन सहित सुरक्षा, आपातकालीन प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया है।

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