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Parliament Monsoon Session: संसद में विपक्ष का जोरदार हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का 14वां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। जैसे ही आज लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लगातार शोर-शराबे और व्यवधान के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई, वहीं राज्यसभा को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।

लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

आज सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, इस दौरान कई सदस्यों ने पश्नकाल में अपने सवाल किए जिसका संबंधित मंत्रियों की तरफ से जवाब दिया गया। इस दौरान विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया। जिसके चलते लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित

संसद में विपक्ष के जोरदार हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित।

सत्र की शुरुआत 21 जुलाई 2025 को हुई थी और यह 21 अगस्त तक चलने वाला है। अब तक का अधिकांश समय विरोध, शोर-शराबे और कार्यवाही बाधित होने में ही बीता है। आज भी माहौल कुछ वैसा ही रहने की उम्मीद है, क्योंकि विपक्ष ने कई गंभीर मुद्दों को उठाने की तैयारी कर ली है।

विपक्ष के निशाने पर सरकार

आज की कार्यवाही से पहले कांग्रेस पार्टी ने दो प्रमुख मुद्दों पर कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया है दिल्ली पुलिस द्वारा की गई एक हालिया कार्रवाई और अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए नए आयात शुल्क (25% टैरिफ)।

अमेरिका ने यह अतिरिक्त शुल्क 27 अगस्त 2025 से लागू करने की घोषणा की है, जिसका सीधा असर भारतीय निर्यातकों और व्यापारिक संबंधों पर पड़ सकता है। कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रही है।

SSC परीक्षा और वोटर लिस्ट पुनरीक्षण भी बना मुद्दा

सिर्फ अंतरराष्ट्रीय व्यापार ही नहीं, बल्कि देश के भीतर की प्रशासनिक कार्यप्रणालियां भी विपक्ष के निशाने पर हैं। बिहार में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित फेज-13 परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं पर भी विपक्ष संसद में आवाज उठा सकता है।

अब तक हंगामे की भेंट चढ़ा अधिकांश सत्र

पिछले 13 दिनों में संसद का कार्य केवल कुछ गिने-चुने अवसरों पर ही सुचारू रूप से चल पाया है। खास तौर पर पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” पर हुई चर्चा को छोड़ दिया जाए, तो बाकी दिनों में कार्यवाही शोरगुल और विपक्षी प्रदर्शन की भेंट चढ़ती रही है।

क्या आज भी कुछ ठोस निकलेगा?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनती, तो आज का दिन भी पहले की तरह हंगामेदार रह सकता है। हालांकि, कुछ अहम विधेयकों पर चर्चा की संभावना भी जताई जा रही है, बशर्ते सदन में शांति बनी रहे।

संसद की कार्यवाही का यह अहम पड़ाव न केवल सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि विपक्ष के लिए भी अपनी बात मजबूती से रखने का आखिरी मौका बन सकता है। देखना यह होगा कि 14वें दिन की कार्यवाही सिर्फ नारों और विरोध प्रदर्शनों तक सीमित रहती है या कोई सार्थक चर्चा भी देखने को मिलती है।

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