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Parliament Monsoon Session: लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश; विपक्ष का हंगामा

Parliament Monsoon Session : संसद के मानसून सत्र में आज यानी बुधवार को भारी हंगामे के आसार हैं। दरअसल, केंद्र सरकार लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश करने वाली है। इनका मकसद गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को पद से हटाना है। वहीं, कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सरकार आज सदन में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने से जुड़ा एक विधेयक भी पेश कर सकती है।

Parliament Monsoon Session Live Update :

लोकसभा की कार्यवाही पांच बजे तक के लिए स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही शाम पांच बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू। स्पीकर ओम बिरला ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों को फटकार लगाई।
लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

लोकसभा में 130 वां संशोधन बिल पेश, सुनिए क्या कुछ कह रहे गृह मंत्री Amit Shah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीनों विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की सिफ़ारिश की। इस दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने विधेयक की प्रति फाड़कर केंद्रीय गृह मंत्री पर फेंकी।

 

लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 लोकसभा में पेश किया गया।
राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित
विपक्ष के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। दोनों सदनों में बिहार एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी है।

राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित।

लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित

गंभीर आपराधिक आरोपों में घिरे मंत्रियों को हटाने वाले विधेयक पर सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा…

गंभीर आपराधिक आरोपों में घिरे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने वाले विधेयक पर सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि इस सरकार में भले ही किसी पर कोई आरोप न हो, आरोप लगाए जा सकते हैं और लगाए भी जा रहे हैं। झूठे और गंभीर आरोपों में लोगों को जेल में डाला जा रहा है। जिन राज्यों में भाजपा का कोई मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं है, उन्हें सत्ता से हटाने के लिए यह सरकार एक और तरीका ला रही है। लोकतांत्रिक नियम अब नहीं बचे हैं। जो लोग यह विधेयक ला रहे हैं, उन्हें एक बात समझ नहीं आ रही कि एक बार सत्ता से बाहर होने के बाद वे वापस नहीं आएंगे। उनके अपने ही लोग उनका विरोध करने लगे हैं।

हिरासत या गिरफ्तारी पर सीएम और मंत्रियों की जाएगी कुर्सी

सरकार जो सबसे अहम विधेयक पेश करने जा रही है, उसका उद्देश्य प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति में पद से हटाना है। प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, यदि कोई मुख्यमंत्री या मंत्री लगातार 30 दिन तक हिरासत या गिरफ्तारी में रहता है, तो उसे अपना पद छोड़ना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो राष्ट्रपति की सलाह से ऐसे मंत्रियों को हटाया जा सकेगा।

विपक्ष की रणनीति

विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेता बुधवार सुबह राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के दफ्तर में बैठक कर रणनीति तैयार करेंगे। माना जा रहा है कि विपक्ष इन विधेयकों का जोरदार विरोध करेगा।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने चुनाव आयोग, विशेषकर एसआईआर से संबंधित मामलों पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने बिहार में एसआईआर के संवैधानिक और चुनावी प्रभाव पर चर्चा के लिए कार्य स्थगन नोटिस दिया है। उन्होंने बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री पर भी शून्यकाल नोटिस दिया है।

ऑनलाइन गेमिंग पर भी विधेयक

इसके अलावा, केंद्र सरकार ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म को विनियमित करने से जुड़ा एक विधेयक भी आज सदन में पेश कर सकती है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इसे अब संसद में लाने की तैयारी है।

विपक्ष के तीखे तेवर

विधेयक पर समाजवादी पार्टी सांसद राम गोपाल यादव ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि, “आजकल आरोप लगाने में देर नहीं लगती। झूठे और गंभीर आरोपों में विपक्षी नेताओं को जेल में डाला जा रहा है। यह विधेयक विपक्षी सरकारों को गिराने का एक और तरीका है। लोकतंत्र के मानदंड लगभग खत्म हो चुके हैं। सत्ता से बाहर जाने के बाद इन नेताओं की वापसी मुश्किल होगी, क्योंकि उनके अपने लोग ही अब विरोध करने लगे हैं।”

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