नई दिल्ली:मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा अहम विधेयक पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में बिल रखते हुए कहा कि डिजिटल दौर में ऑनलाइन गेमिंग एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह लत अब नशे जैसी बीमारी बनती जा रही है, जिससे कई परिवार तबाह हो चुके हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि हालिया आत्महत्याओं और आर्थिक नुकसान के मामलों में ऑनलाइन गेमिंग की भूमिका सामने आई है।
संसद सत्र पर कंगना रनौत की टिप्पणी
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, “आज हमारे सत्र का आखिरी दिन था। अध्यक्ष ने कहा कि यह सत्र उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। 120 घंटे की चर्चा का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ। बहुत कम सवालों के जवाब दिए जा सके… उन्हें (विपक्ष को) डांटा गया क्योंकि इस तरह से जनता और देश का भी नुकसान होता है…”
#WATCH दिल्ली | भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, “आज हमारे सत्र का आखिरी दिन था। अध्यक्ष ने कहा कि यह सत्र उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। 120 घंटे की चर्चा का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ। बहुत कम सवालों के जवाब दिए जा सके… उन्हें (विपक्ष को) डांटा गया क्योंकि इस तरह से जनता और देश का भी… pic.twitter.com/9umOm5ZUZq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 21, 2025
ऑनलाइन गेमिंग बना गंभीर संकट
विधेयक में ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधानों की सिफारिश की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को विनियमित किया जाए और खासकर नाबालिगों को इस लत से बचाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देशभर में ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं, जहां लोगों ने गेमिंग में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी गंवा दी है।
I&B Minister @AshwiniVaishnaw moves The Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025, as passed by Lok Sabha for consideration and passing in #Rajyasabha@MIB_India@harivansh1956 pic.twitter.com/IHajgvuOdB
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लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
दूसरी ओर, लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही दोपहर 12 बजे फिर से शुरू हुई, विपक्षी दलों के हंगामे ने सदन को ठप कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि विपक्ष का व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।
अध्यक्ष के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान सिर्फ 37 घंटे की कार्यवाही ही हो सकी, जिसमें 12 विधेयक पारित किए गए और केवल 55 सवालों के मौखिक उत्तर दिए जा सके। इस हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में उपस्थित थे। अंततः कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
Minister @AmitShah moves following 3 Bills to Joint Committee in RS
1. The Constitution (One Hundred & Thirtieth Amendment) Bill, 2025
2. The Government of Union Territories (Amendment) Bill, 2025
3. The Jammu & Kashmir Reorganisation (Amendment) Bill, 2025 pic.twitter.com/EsV1L1yOpZ— SansadTV (@sansad_tv) August 21, 2025
लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने एसआईआर (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट) से जुड़े मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना असंभव हो गया, जिसके चलते स्पीकर ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
#monsoonsession2025 #LokSabha adjourned to meet again at 12:00 Noon@ombirlakota @LokSabhaSectt @loksabhaspeaker pic.twitter.com/txBb9X1QHl
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राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित
इसी तरह राज्यसभा में भी हालात कुछ अलग नहीं रहे। लगातार व्यवधान के कारण सभापति को राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। हालांकि कुछ समय तक कार्यवाही सामान्य रूप से चली, लेकिन विरोध तेज होने पर अंततः सदन को स्थगित करना पड़ा।
#monsoonsession2025 #RajyaSabha adjourned to meet again at 02:00 PM@harivansh1956 pic.twitter.com/b9Hlpm5Wmh
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कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, भारतीय गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के नामांकन दाखिल करने से पहले संसद पहुंचे।
#WATCH | Congress president and Rajya Sabha LoP Mallikarjun Kharge arrives at the Parliament, ahead of the filing of nomination by INDIA alliance Vice-Presidential nominee, former Supreme Court Judge B Sudershan Reddy. pic.twitter.com/9C5xEL2BVC
— ANI (@ANI) August 21, 2025
SIR पर चर्चा कराने की मांग
संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत 21 जुलाई से हुई थी और आज आखिरी दिन है। लेकिन विपक्षी सांसद बिहार SIR पर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं। उनके विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों में पूरे दिन की कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
ऑनलाइन गेमिंग बिल पर सरकार की सख्ती
लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका ऑनलाइन गेमिंग बिल अब राज्यसभा में पेश होने जा रहा है। यह विधेयक ऑनलाइन मनी गेम्स पर नियंत्रण और उनके प्रमोशन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करता है। सरकार का दावा है कि यह बिल युवा पीढ़ी को ऑनलाइन जुए और धोखाधड़ी से बचाने में मददगार साबित होगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार आज इस बिल को किसी भी हालत में पास कराने की तैयारी में है और इसीलिए बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में उपस्थिति अनिवार्य कर दी है।
130वां संविधान संशोधन बना सियासत का नया रणक्षेत्र
इस सत्र में पेश किया गया 130वां संविधान संशोधन बिल, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को हटाने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं, संसद के भीतर और बाहर गहन बहस और विरोध का कारण बन गया है। यह बिल फिलहाल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया है, लेकिन विपक्ष इसे सरकार की “राजनीतिक चाल” बता रहा है।
विपक्ष का आरोप है कि इस संशोधन के जरिए केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप कर सकती है और यह लोकतंत्र के ढांचे पर सीधा हमला है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने जहां इसे “संवैधानिक संकट” बताया है, वहीं रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इस बिल के कुछ प्रावधानों का समर्थन किया है, जिससे सियासी बहस और गहरी हो गई है।
बिहार SIR और वोटर रिविजन पर विपक्ष का अड़ंगा
बिहार में चल रहे वोटर रिविजन (SIR) के मुद्दे पर भी विपक्ष हमलावर है। विपक्षी सांसद लगातार सदन में चर्चा की मांग कर रहे हैं और कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। इस मुद्दे पर प्रदर्शन संसद के बाहर भी देखने को मिल रहा है।
कल हुआ भारी हंगामा, गृह मंत्री पर उछाले गए कागज़
सत्र के पिछले दिन उस समय स्थिति और बिगड़ गई जब गृह मंत्री अमित शाह ने तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए। विपक्ष ने इन विधेयकों की प्रतियां फाड़कर गृह मंत्री की ओर उछाल दीं। यह घटना दर्शाती है कि आज भी सदन में तीखा टकराव तय है।
सत्र का आखिरी दिन, टकराव की पूरी संभावना
21 जुलाई से शुरू हुआ मॉनसून सत्र आज समाप्त हो रहा है, लेकिन आखिरी दिन भी संसद का माहौल शांत होने के आसार नहीं हैं। सरकार जहां अपने अहम विधेयकों को पारित कराने में जुटी है, वहीं विपक्ष भी अंतिम दिन को पूरी तरह से भुनाने की रणनीति में है।

