Parliament Special Session : महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल आज संसद में पेश किए गए। जिनका सीधा असर देश की महिलाओं पर पड़ेगा। इन बिलों में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव है।
लोकसभा में तीनों बिलों पर कल होगी फाइनल वोटिंग
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, गृह मंत्री ने इस बिल को पारित करने का प्रस्ताव रखा है। इसलिए दोनों बिल पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने बताया कि लोकसभा में तीनों बिलों पर कल शाम 4 बजे फाइनल वोटिंग होगी।
लोकसभा में बिल के प्रस्ताव पर हुई वोटिंग
संविधान संशोधन बिल लाने के प्रस्ताव पर लोकसभा में वोटिंग हुई। वहीं, सदन में बिलों को पेश करने के लिए करने के लिए ध्वनि मत से पास कराने की कोशिश की गई। इसके बाद विपक्ष ने मत विभाजन मांगा. इसके बाद स्पीकर ने इसके लिए वोटिंग की अनुमति दी। पक्ष में 207, विपक्ष में 126 वोट पड़े हैं।
विपक्ष का विरोध, अमित शाह का आया जवाब
लोकसभा में तीनों बिलों का प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। इसी बीच विपक्ष ने विरोध भी शुरू कर दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘उनको भाषण करने का पर्याप्त मौका मिलेगा। और आप बड़े दयालु हो, ज्यादा मौका देना। और हम भी कसकर जवाब देंगे। हमें कोई तकलीफ नहीं है। परंतु अभी नियम यही है कि वह सिर्फ तकनीकी आपत्ति ही उठा सकते हैं।
अखिलेश यादव ने जल्दबाजी पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, ‘ये खूफिया लोगों की गुप्त योजना है। हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस जल्दबाजी में इसे लाया जा रहा है हम उसके खिलाफ हैं। जनगणना होगी तो देश जातिगत जनगणना मांगेगा और जातिगत जनगणना होगी तो देश आरक्षण मांगेगा लेकिन वे इन सबसे बचना चाहते हैं। ये पीड़ित, दलित, मुस्लिम, पिछड़ा आदि आबादी के खिलाफ लोग हैं।
किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा, भाजपा का दावा
महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि जब से सदन में आएंगे तो महिलाओं के प्रति उनमें संवेदना जगेगी और जो महिलाओं में सालों से इंतजार है अब उनके सब्र की सीमा टूट रही है। इसे सब मिलकर पास करेंगे… किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।’
अर्जुन राममेघवाल ने लोकसभा में पेश किया परिसीमन बिल
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश कर दिया है। बिल के लोकसभा में पेश करते ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बिल का विरोध किया तो सदन में हंगामा शुरू हो गया।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा
केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने डिलिमिटेशन बिल, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा pic.twitter.com/VXj79dAC64
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 16, 2026
महिला आरक्षण बिल पर चर्चा शुरू
लोकसभा की कार्यवाही जारी है। महिला आरक्षण बिल पर चर्चा शुरू हो गई है। आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी बात रखेंगे। मिली जानकारी के अनुसार दोपहर 3 बजे के बाद पीएम मोदी का संबोधन होगा।
लोकसभा में आशा भोसले के निधन पर किया गया शोक व्यक्त
लोकसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है. इस मौके पर सबसे पहले आशा भोसले के निधन पर शोक जताया.
कौन-कौन से बिल पेश होंगे?
सरकार आज लोकसभा में तीन बड़े विधेयक पेश करेगी।
- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026
इसका संबंध महिला आरक्षण को लागू करने से है। - परिसीमन विधेयक, 2026
इसके जरिए चुनाव क्षेत्रों (सीटों) की सीमाओं को फिर से तय किया जाएगा। - केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026
यह केंद्र शासित प्रदेशों में भी महिला आरक्षण लागू करने से जुड़ा है।
इनमें से पहले दो बिल केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे, जबकि तीसरा बिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे।
इन बिलों का मकसद क्या है?
इन तीनों बिलों का मुख्य उद्देश्य 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह लागू करना है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाना है।
संसद में कब और कैसे होगी चर्चा?
लोकसभा में आज बिल पेश होंगे। चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है। 17 अप्रैल को चर्चा के बाद वोटिंग होगी। राज्यसभा में 18 अप्रैल को बिल पेश किए जाएंगे। चर्चा के लिए 10 घंटे तय किए गए हैं। उसी दिन वोटिंग भी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लोकसभा में इस चर्चा की शुरुआत करेंगे।
विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध?
विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन परिसीमन (Delimitation) को लेकर उसे चिंता है। विपक्ष का मानना है कि परिसीमन से कुछ राज्यों, खासकर दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान हो सकता है।
पीएम मोदी का संदेश
संसद के इस विशेष सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा यह सत्र महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा। देश की माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है। सरकार इस दिशा में पूरी मजबूती से आगे बढ़ रही है।
आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो… pic.twitter.com/8KWT1WLSje
— Narendra Modi (@narendramodi) April 16, 2026
क्यों अहम है यह सत्र?
16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला यह विशेष सत्र देश की राजनीति और भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन बिलों के पास होने से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी और शासन में उनकी भूमिका मजबूत होगी।

