नेशनल डेस्क: पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में गुरुवार सुबह गंगा नदी में बड़ा नाव हादसा हो गया। उमानाथ घाट के पास तेज हवा के कारण सब्जी से भरी एक छोटी नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव में करीब 14 से 16 लोग सवार थे। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
जानकारी के अनुसार, नाव रोज की तरह दियारा क्षेत्र से सब्जियां लेकर उमानाथ मंदिर घाट लौट रही थी। इसी दौरान सुबह करीब 5 बजे तेज हवा और नदी की तेज धार के कारण नाव संतुलन खो बैठी और गहरे पानी में डूब गई। नाव पर ज्यादातर महिलाएं और बच्चे सवार थे, जो सब्जियां बेचने का काम करते थे।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य के लिए SDRF की टीम को भी बुलाया गया। स्थानीय लोगों और नाविकों की मदद से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अब तक सात लोगों को जीवित बचा लिया गया है, जबकि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
मृतकों की पहचान लीला देवी (40 वर्ष), नीलम कुमारी (30 वर्ष) और काशी कुमार (15 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी मृतक बाढ़ थाना क्षेत्र के मासूमगंज बिंद टोली के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद अभी भी कई लोग लापता हैं। SDRF और स्थानीय गोताखोर गंगा नदी में लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नाव पर सवार लोगों की सही संख्या की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि दियारा इलाके के लोग रोज सुबह नाव से सब्जियां लेकर उमानाथ मंदिर घाट पहुंचते हैं और वहीं बाजार में बेचते हैं। गुरुवार सुबह भी लोग इसी काम के लिए निकले थे, लेकिन तेज हवा ने इस सफर को दर्दनाक हादसे में बदल दिया।
एसडीपीओ राम कृष्ण ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदी में सावधानी बरतने और खराब मौसम में नाव यात्रा से बचने की अपील की है।
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