नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंच गए हैं। अपने दौरे की शुरुआत पर उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया, ”मैं ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंच गया हूं। यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देगा। मुझे प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ होने वाली बातचीत का इंतजार है। इस दौरान मुझे भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने का भी मौका मिलेगा, जो भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की एक अहम ताकत हैं।”
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrives in Melbourne, Australia.
PM is on a three-nation visit to Indonesia, Australia, and New Zealand.
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/ydsq052L3W
— ANI (@ANI) July 8, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। वह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर मेलबर्न की यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा से भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलने की संभावना है। यहां प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा, वह ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल सैम मोस्टिन से भी मुलाकात करेंगे।
सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे, जहां वह दोनों देशों के शीर्ष बिजनेस लीडर्स की सभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी मेलबर्न में भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे, जो भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का एक मजबूत स्तंभ है।
पीएम मोदी की यात्रा से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत को एक अहम आर्थिक साझेदार बताया और द्विपक्षीय संबंधों के बढ़ते रणनीतिक महत्व पर बात की। इस सप्ताह की शुरुआत में जारी एक बयान में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के तौर पर भारत ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अहम आर्थिक साझेदार है।
मेलबर्न में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले उनके लिए ‘वैदिक हवन’ किया। ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कहा कि 10 साल में तीसरी बार प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा, पिछले दशक में द्विपक्षीय संबंधों के मजबूत होने का एक अहम संकेत है।

