
नेशनल डेस्क: 5 देशों की यात्रा से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार यानि आज केंद्र सरकार की बड़ी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में देश की मौजूदा स्थिति, विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज और आने वाले समय की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्रियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि इस साल यह पहली बार होगा, जब पूरी कैबिनेट एक साथ बैठक करेगी। इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में इसे काफी अहम माना जा रहा है। साथ ही कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की चर्चाओं के बीच इस बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
मंत्रालयों के कामकाज की होगी समीक्षा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के हाल के कामों की समीक्षा की जाएगी। सरकार यह जानने की कोशिश करेगी कि हाल में लिए गए फैसलों का कितना असर हुआ है और किन योजनाओं को आगे और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को आम लोगों तक ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार यह भी देखेगी कि जिन योजनाओं का फायदा लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है, उनमें क्या सुधार किए जा सकते हैं।
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पश्चिम एशिया संकट पर भी रहेगा फोकस
बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और उसके भारत पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी मंत्रालयों को यह निर्देश दे सकते हैं कि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से तैयारी रखी जाए। ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि संघर्ष शुरू होने के बाद ही प्रधानमंत्री ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे, ताकि देश के नागरिकों और कारोबार पर कम से कम असर पड़े।
आम जनता को राहत देने पर जोर
बैठक में सरकार की उस नीति पर भी चर्चा हो सकती है, जिसमें आम लोगों को सीधे फायदा पहुंचाने वाले सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार आने वाले वर्षों के लिए नई योजनाओं और सुधारों की दिशा तय कर सकती है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कह चुके हैं कि उनकी सरकार का लक्ष्य देश में बड़े स्तर पर व्यवस्थागत बदलाव लाना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और विकास की रफ्तार तेज हो।
चुनावी जीत के बाद पहली बड़ी बैठक
यह अहम बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी राजनीतिक सफलता मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय की रणनीति और विकास एजेंडे को लेकर भी चर्चा कर सकती है।
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