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US Israel Iran War: जंग के बीच PM मोदी ने बुलाई बैठक, इन मुद्दों पर की गई चर्चा

PM Modi CCS Meeting

PM Modi CCS Meeting

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार यानि 1 मार्च की रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंचते ही सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की अहम बैठक की अध्यक्षता की। माना जा रहा है कि इस बैठक में पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए बड़े सैन्य हमलों और ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद पैदा हुई स्थिति को देखते हुए यह बैठक बुलाई गई थी। CCS देश की सुरक्षा और रणनीतिक फैसलों से जुड़ा सबसे बड़ा निर्णय लेने वाला समूह है।

प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय दौरे से लौटे थे, जिसमें उन्होंने राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी का दौरा किया। रात करीब साढ़े नौ बजे दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद यह बैठक आयोजित की गई। बैठक में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष Anil Chauhan, विदेश सचिव Vikram Misri और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके भारत पर संभावित असर की जानकारी दी।

बैठक में खास तौर पर पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वहां का हवाई क्षेत्र लगभग बंद है, जिससे दुबई सहित कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सैकड़ों भारतीय फंसे हुए हैं। कई लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भारत सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं। ऐसे में सरकार ने जरूरत पड़ने पर राहत और निकासी अभियान चलाने की तैयारी पर भी विचार किया।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावास लगातार अपने नागरिकों के संपर्क में हैं और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी चर्चा हुई। यह समुद्री मार्ग भारत समेत कई देशों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है। अगर इस रास्ते पर असर पड़ता है तो भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, ईरान में करीब 10 हजार भारतीय रहते हैं और इजरायल में 40 हजार से ज्यादा भारतीय नागरिक हैं। खाड़ी देशों और पूरे पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख भारतीय काम करते और रहते हैं। भारत ने पहले भी संकट के समय विभिन्न देशों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के सफल अभियान चलाए हैं, इसलिए मौजूदा हालात में भी सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है।

इस बीच अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के कई सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि इन हमलों में देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई। हमले शनिवार से शुरू हुए और लगातार जारी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक तय लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। यह ईरान की जनता के लिए अपने देश का भविष्य तय करने का बड़ा अवसर है।

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