नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश में HCL-Foxconn के संयुक्त प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। यह प्रोजेक्ट यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य है और देश में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश जल्द ही भारत के सेमीकंडक्टर सिस्टम का बड़ा केंद्र बनेगा। यह प्रोजेक्ट HCL Technologies और Foxconn के जॉइंट वेंचर के तहत “इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड” द्वारा लगाया जा रहा है।
इस सेमीकंडक्टर यूनिट में 3,700 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होगा। यह आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) फैसिलिटी होगी, जहाँ चिप की असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) का काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
इस यूनिट से मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को बड़ा समर्थन मिलेगा। साथ ही इंजीनियरों और टेक्नीशियनों के लिए हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुए ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ने भारत की तकनीकी क्षमता और विजन को सराहा है। उन्होंने कहा कि यह दशक भारत के लिए “टेक-एड” (तकनीकी उन्नति का दशक) है और सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अब तक 10 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से चार जल्द उत्पादन शुरू करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने भले ही सेमीकंडक्टर सेक्टर में देर से शुरुआत की हो, लेकिन अब देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का भरोसेमंद वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में काम कर रहा है।
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