Last Updated: October 24, 2026

Dainik Savera Times Logo

PM मोदी ने सुनाया भावुक किस्सा, गुजरात में जिस बच्ची को स्कूल छोड़ने गए थे, वर्षों बाद नर्स बनकर मिली

September 8, 2026

PM मोदी ने सुनाया भावुक किस्सा, गुजरात में जिस बच्ची को स्कूल छोड़ने गए थे, वर्षों बाद नर्स बनकर मिली

नवसारी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के नवसारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल की एक भावुक घटना साझा की। उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने एक गरीब आदिवासी परिवार की बच्ची को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया था और वर्षों बाद वही बच्ची उनसे नर्स बनकर मिली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के शुरुआती वर्षों में वह ‘कन्या केलवाणी अभियान’ के तहत गांव-गांव जाकर बेटियों को स्कूल पहुंचाने और उनके माता-पिता को शिक्षा के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने कहा, “13, 14 और 15 जून को 44 डिग्री की भीषण गर्मी में मैं गांवों में जाता था। उस समय कई गांवों में चौबीसों घंटे बिजली भी नहीं होती थी और पंखे तक नहीं थे। मैं छोटी-छोटी बेटियों का हाथ पकड़कर उन्हें स्कूल छोड़ने जाता और उनके माता-पिता से कहता कि अपनी बेटियों को जरूर पढ़ाइए।”

पीएम मोदी ने कहा कि उस समय यह काम ऐसा था जिसे न अखबारों में ज्यादा जगह मिलती थी और न ही टीवी पर कोई विशेष कवरेज। उन्होंने बताया कि वर्षों बाद जब वह उन्हीं गांवों में लौटे तो वे बच्चियां बड़ी हो चुकी थीं। “वे पुरानी तस्वीरें लेकर मेरे पास आती हैं और कहती हैं, ‘सर, आप मुझे स्कूल छोड़ने गए थे और आज मैं नर्स बन गई हूं। अब मैं पढ़ाई के अंतिम वर्ष में हूं।’”

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे पल उन्हें सार्वजनिक जीवन के वर्षों की गिनती से कहीं अधिक संतोष देते हैं। उन्होंने कहा कि किसी गरीब, वनवासी और आदिवासी परिवार की बेटी का 18-20 साल बाद सफलता के साथ मिलना उनके जीवन की सबसे बड़ी संतुष्टि है। उन्होंने कहा कि लगातार सेवा भाव से किया गया काम कई बार वर्षों बाद परिणाम देता है और लोगों का आशीर्वाद ही नई ऊर्जा और प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बनता है। पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति, सरकार और सार्वजनिक पद का अंतिम उद्देश्य नागरिकों की सेवा करना होना चाहिए।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें