नेशनल डेस्क: वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम को भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें कई खास और पारंपरिक भारतीय उपहार भेंट किए। राष्ट्रपति तो लाम 5 से 7 अप्रैल तक तीन दिन के दौरे पर भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों देशों के नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और संयुक्त बयान भी जारी किया।
भारत से लौटते समय प्रधानमंत्री मोदी ने वियतनामी राष्ट्रपति को भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला से जुड़े कई विशेष तोहफे दिए। इन उपहारों में देश की कला, कृषि, हस्तशिल्प और पारंपरिक विरासत की झलक दिखाई दी।
‘नमोह 108’ कमल का पौधा

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति To Lam को ‘नमोह 108’ नाम का खास कमल भी उपहार में दिया। यह भारत के राष्ट्रीय पुष्प कमल की एक विशेष प्रजाति है, जिसे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान ने विकसित किया है। इस कमल को आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अनोखा मेल माना जाता है। भारतीय संस्कृति में कमल का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी है।
पीतल की भगवान बुद्ध की प्रतिमा
वियतनामी राष्ट्रपति को भगवान बुद्ध की सुंदर पीतल प्रतिमा भी भेंट की गई। इस प्रतिमा में बुद्ध ध्यान मुद्रा में बैठे दिखाई देते हैं और उनके पीछे बोधि वृक्ष की पत्तियों जैसा गोल आभामंडल बनाया गया है। यह प्रतिमा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के कारीगरों द्वारा तैयार की गई है। मुरादाबाद दुनियाभर में अपने पीतल शिल्प और हस्तकला के लिए प्रसिद्ध माना जाता है।
वाराणसी का खास रेशमी कपड़ा
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति तो लाम को वाराणसी का पारंपरिक रेशमी कपड़ा भी भेंट किया। वाराणसी सदियों से अपने बेहतरीन सिल्क और बुनाई कला के लिए प्रसिद्ध है। इस खास कपड़े में फूलों और बेलों की सुंदर डिजाइन वाली जैकार्ड बुनाई की गई थी, जो भारतीय पारंपरिक वस्त्र कला की खूबसूरती को दर्शाती है।
बिहार के प्रसिद्ध व्यंजन
उपहारों में बिहार के कई पारंपरिक और प्रसिद्ध खाद्य पदार्थ भी शामिल थे। राष्ट्रपति तो लाम को सिलाव का खाजा, गया का अनरसा, मिथिला का मखाना और हाजीपुर का मालभोग केला भेंट किया गया। ये सभी उत्पाद अपने स्वाद और क्षेत्रीय पहचान के लिए काफी प्रसिद्ध माने जाते हैं और भारत की पारंपरिक खानपान संस्कृति को दर्शाते हैं।
महाराष्ट्र से भेजे गए अल्फांसो आम
प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध रत्नागिरी अल्फांसो आम भी वियतनामी राष्ट्रपति को उपहार में दिए। अल्फांसो आम अपनी मिठास, खुशबू और सुनहरे रंग के लिए दुनियाभर में पसंद किए जाते हैं। इसके साथ ही हेल्दी मिलेट बार भी भेंट किए गए। इन्हें महाराष्ट्र की पारंपरिक खेती और आधुनिक स्वास्थ्य जागरूकता का अच्छा उदाहरण माना जाता है।
भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए ये उपहार केवल औपचारिक तोहफे नहीं थे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, हस्तशिल्प, कृषि परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक खास तरीका भी था।