नई दिल्लीः केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने एनडीए संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ के दौरान NEET परीक्षा, पेपर लीक, किसानों के हित और देश की उपलब्धियों जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बात की। किरेन रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे ही NEET परीक्षा के पेपर लीक की जानकारी सरकार को मिली, तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। मामले की जांच तेज़ी से की गई और इस रैकेट से जुड़े 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही यह तय किया कि इस घटना का नुकसान छात्रों को नहीं उठाना पड़े। इसलिए पूरी गंभीरता के साथ जरूरी कदम उठाए गए।
VIDEO | Parliament Monsoon Session: Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, “On the NEET examination, the Prime Minister said that the government acted immediately after reports of the paper leak surfaced, and 13 people were arrested and sent to jail. At the same… pic.twitter.com/urQ0JsJ5mb
— Press Trust of India (@PTI_News) July 21, 2026
छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए दोबारा कराई गई परीक्षा
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी चिंता लाखों छात्रों का भविष्य था। इसी वजह से जिन जगहों पर जरूरत थी, वहां दोबारा NEET परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक कराई गई और पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी की गई। इसके बाद बिना किसी अनावश्यक देरी के परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए, ताकि छात्रों की पढ़ाई और आगे की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित न हो।
भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है। पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में देश के शीर्ष वकीलों की मदद ली जानी चाहिए, ताकि दोषियों को ऐसी सजा मिले जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बने। इससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह के अपराध को करने की हिम्मत न कर सके।

एनडीए संसदीय दल की बैठक रही महत्वपूर्ण
किरेन रिजिजू ने बताया कि एनडीए संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ काफी उपयोगी और सार्थक रही। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों का मार्गदर्शन किया और कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने हाल के महीनों में देश की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया और सरकार के विकास कार्यों पर भी चर्चा की।
मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर प्रधानमंत्री का भरोसा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इन समझौतों को तैयार करते समय किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसी भी FTA की वजह से किसानों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा किसानों का कल्याण और देश का हित है।
किसानों का हित रहेगा सबसे पहले
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी देश के साथ व्यापार समझौता करते समय सबसे पहले किसानों के हितों को देखा जाता है। सरकार का उद्देश्य ऐसे समझौते करना है, जिनसे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और किसानों को भी नए अवसर और लाभ मिलें। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर व्यापार समझौता किसानों और देश, दोनों के लिए लाभकारी साबित हो।