नई दिल्ली [भारत]: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह 8 अगस्त को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने रिसर्च और इनोवेशन में संस्थान के योगदान पर भी ज़ोर दिया।
At 11 AM tomorrow, 8th August, I will be attending the Convocation Ceremony at IIT Delhi. I look forward to being among the students and teachers of this pioneering institution.
IIT Delhi has always made a rich contribution in the fields of research and innovation.@iitdelhi…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 7, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर एक पोस्ट में अपनी यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “कल, 8 अगस्त को सुबह 11 बजे, मैं IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में शामिल होऊंगा। मैं इस बेहतरीन संस्थान के छात्रों और शिक्षकों के बीच जाने के लिए उत्सुक हूं। IIT दिल्ली ने हमेशा रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया है।”
प्रधानमंत्री संस्थान के सोनीपत कैंपस में बनी AI-पावर्ड हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का भी दूर से उद्घाटन करेंगे।
इससे पहले शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में IIT दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. रंगन बनर्जी ने बताया कि PM मोदी मेधावी छात्रों को संस्थान के सबसे बड़े सम्मान देंगे, जिनमें प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल, डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल, डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल और परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल शामिल हैं।
इस साल कुल 3,036 छात्र ग्रेजुएट होंगे, जिनमें 1,049 BTech छात्र, 567 MTech छात्र, 248 MBA ग्रेजुएट, 243 MSc ग्रेजुएट और 587 PhD स्कॉलर शामिल हैं। इस दीक्षांत समारोह में बैचलर ऑफ डिज़ाइन (BDes), एग्जीक्यूटिव MBA, बायोलॉजिकल साइंसेज में MSc और कल्चर, सोसाइटी एंड थॉट में MA प्रोग्राम के पहले बैच भी ग्रेजुएट होंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर इस समारोह में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर शामिल होंगे।
संस्थान की हालिया पहलों पर बात करते हुए बनर्जी ने कहा कि IIT दिल्ली ने देश भर में एकेडमिक और रिसर्च सहयोग नेटवर्क बनाने के लिए 18 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NITs) के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) साइन किए हैं। ये पार्टनरशिप छात्रों और फैकल्टी के आदान-प्रदान, जॉइंट रिसर्च, साझा रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट्स की संयुक्त देखरेख में मदद करेंगी। इन सहयोगों को सपोर्ट करने के लिए संस्थान ने ALIGN (इनोवेशन और राष्ट्रीय विकास के लिए एकेडमिक लिंकेज) शुरू किया है।
संस्थान ने छात्रों की भलाई और प्लेसमेंट को बेहतर बनाने के लिए भी कई कदम उठाने की घोषणा की। रिज्यूमे, इंटरव्यू और रिक्रूटमेंट की तैयारी के लिए गाइडेंस देने के मकसद से प्लेसमेंट पाने वाले छात्रों को फाइनल ईयर के छात्रों से जोड़ने के लिए एक प्लेसमेंट मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसके अलावा, प्लेसमेंट सीजन के दौरान छात्रों को तनाव और एंग्जायटी से निपटने में मदद करने के लिए ‘कॉल फॉर ए फ्रेंड’ नाम से एक पीयर-सपोर्ट पहल शुरू की गई है। इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहुँच बढ़ाने के बारे में IIT दिल्ली ने बताया कि फुल-टाइम एकेडमिक प्रोग्राम में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या 2024-25 में 43 से बढ़कर 2025-26 में 62 हो गई है। वहीं, तीन महीने से ज़्यादा समय वाले प्रोग्राम के लिए आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या आठ से बढ़कर 23 हो गई है, यानी यह लगभग तीन गुना हो गई है। अभी संस्थान के 30 देशों में 88 एक्टिव इंटरनेशनल MoU हैं और इस साल तीन नए इंटरनेशनल एकेडमिक प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस और फ्रांस के ‘इंस्टीट्यूट नेशनल डी ल’एनर्जी सोलेयर’ के साथ मिलकर ‘सोलर सिस्टम्स एंड मैनेजमेंट’ में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा भी शामिल है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...