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वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने किया PM Modi को फोन, बढ़ते अमेरिकी दबाव के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

PM Modi-Venezuela talks

PM Modi-Venezuela talks

PM Modi-Venezuela talks: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिग्ज गोमेज के बीच हुई फोन बातचीत को कूटनीतिक लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। यह संवाद ऐसे समय पर हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और हालिया घटनाक्रमों के चलते वेनेजुएला के साथ-साथ भारत भी अंतरराष्ट्रीय दबावों का सामना कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने लिखा कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी। पीएम मोदी के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत–वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए दोनों पक्ष प्रतिबद्ध हैं।

व्यापार, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी पर फोकस
वार्ता के दौरान व्यापार और निवेश, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, कृषि और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि इन क्षेत्रों में सहयोग से न केवल द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत होंगे, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों को भी लाभ पहुंचेगा।

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वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श
बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया। दोनों नेताओं ने वैश्विक मंच पर ग्लोबल साउथ के हितों के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। इसके साथ ही भविष्य में भी संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई गई।

बदले वैश्विक हालात में अहम संवाद
यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है, जब हाल ही में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया। डेल्सी रोड्रिग्ज ने 5 जनवरी को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला था। माना जा रहा है कि इस पृष्ठभूमि में पीएम मोदी और डेल्सी रोड्रिग्ज की बातचीत सिर्फ द्विपक्षीय नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति के लिहाज़ से भी अहम संकेत देती है।

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वाशिंगटन को स्पष्ट संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संवाद भारत की स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति को दर्शाता है। अमेरिका के दबाव के बीच भारत द्वारा वेनेजुएला से खुलकर बातचीत करना यह संकेत देता है कि नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों और बहुपक्षीय सहयोग को प्राथमिकता देती है, न कि किसी एक शक्ति के दबाव को।

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