नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹6,950 करोड़ से ज़्यादा की लागत वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट (NH-715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन की 4-लेनिंग) की आधारशिला रखी।
86 किलोमीटर लंबा काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर्यावरण के प्रति जागरूक नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट है। इसमें 35 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर होगा जो काजीरंगा नेशनल पार्क से गुज़रेगा, 21 किलोमीटर का बाईपास सेक्शन और NH-715 के मौजूदा हाईवे सेक्शन को दो से चार लेन तक चौड़ा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद पार्क की समृद्ध जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
यह प्रोजेक्ट नगांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट ज़िलों से होकर गुज़रेगा और ऊपरी असम, खासकर डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया की कनेक्टिविटी में काफी सुधार करेगा। एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर जानवरों की बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करेगा, जिससे इंसान और जानवरों के बीच टकराव कम होगा।
यह सड़क सुरक्षा को भी बढ़ाएगा, यात्रा का समय और दुर्घटना दर कम करेगा, और बढ़ते यात्री और माल ढुलाई यातायात को सपोर्ट करेगा। प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में, जाखलाबांधा और बोकाखाट में बाईपास बनाए जाएंगे जो शहरों में भीड़ कम करने, शहरी गतिशीलता में सुधार करने और स्थानीय निवासियों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करेंगे।
#WATCH | Kaliabor, Assam | PM Narendra Modi lays the foundation stone of the Kaziranga Elevated Corridor Project (4-Laning of Kaliabor-Numaligarh section of NH-715), worth over ₹6,950 Crore.
The 86 km long Kaziranga Elevated Corridor project is an environmentally conscious… pic.twitter.com/crcT5ypIHO
— ANI (@ANI) January 18, 2026
PM मोदी ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट मॉडल का किया रिव्यू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट (NH-715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन की 4-लेनिंग) के मॉडल का रिव्यू किया, जिसे ₹6,950 करोड़ से ज़्यादा की लागत से बनाया जा रहा है।
#WATCH | कालियाबोर, असम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट (NH-715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन की 4-लेनिंग) के मॉडल का रिव्यू किया, जिसे ₹6,950 करोड़ से ज़्यादा की लागत से बनाया जा रहा है।
(सोर्स: DD) pic.twitter.com/L7xRzAJ73M
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 18, 2026
पर्यटन, रोजगार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
कॉरिडोर के पूरा होने के बाद नागांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट जिलों में आवागमन आसान होगा। ऊपरी असम के प्रमुख शहरों डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया से संपर्क बेहतर होगा, जिससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मानव-वन्यजीव संघर्ष में आएगी कमी
एलिवेटेड वन्यजीव गलियारा जानवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करेगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और मानव–वन्यजीव संघर्ष में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, जाखलबंधा और बोकाखाट में प्रस्तावित बाईपास से शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव घटेगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
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रेल कनेक्टिविटी को भी मिलेगी रफ्तार
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों- गुवाहाटी (कामाख्या) रोहतक और डिब्रूगढ़–लखनऊ (गोमती नगर) को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के बीच रेल संपर्क को मजबूत करेंगी और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा का अनुभव देंगी।
गौरतलब है कि एक महीने से भी कम समय में प्रधानमंत्री मोदी का यह दूसरा पूर्वोत्तर दौरा है, जो केंद्र सरकार की क्षेत्र के विकास को लेकर प्राथमिकता को दर्शाता है।