PM Modi address Seychelles Parliament: भारत और सेशेल्स के रिश्तों में रविवार को एक नया इतिहास जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली (संसद) को संबोधित किया। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। इसके साथ ही यह दुनिया की 20वीं संसद है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित किया है। अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेशेल्स की संसद को संबोधित करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि वह भारत के 140 करोड़ लोगों की शुभकामनाएं और प्यार लेकर सेशेल्स आए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और सेशेल्स के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों को अलग नहीं करता, बल्कि जोड़ता है। उन्होंने कहा, “हम अजनबी की तरह नहीं, बल्कि पुराने दोस्तों की तरह मिलते हैं।” उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स का दौरा किया था। अब एक दशक बाद फिर यहां आकर उन्हें विश्वास है कि भारत और सेशेल्स की दोस्ती पहले से भी अधिक मजबूत हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने पर वहां की सरकार और जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने संसद की नई स्पीकर और आठवीं नेशनल असेंबली के सभी नए सदस्यों को भी बधाई दी। साथ ही उन्होंने संसद की पहली महिला स्पीकर चुने जाने की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स की दोस्ती केवल 50 साल पुरानी नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत करीब 250 साल पहले हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि अगस्त 1770 में सेंट ऐनी द्वीप पर पहुंचे लोगों में पांच भारतीय भी शामिल थे। उसी समय से दोनों देशों के बीच संबंधों की नींव पड़ी। इसके बाद कई भारतीय सेशेल्स पहुंचे और दोनों देशों की साझी विरासत लगातार मजबूत होती गई।
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी दुनिया के कई देशों की संसद को संबोधित कर चुके हैं। इनमें भूटान, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, फिजी, मॉरीशस, श्रीलंका, मंगोलिया, यूनाइटेड किंगडम, अफगानिस्तान, युगांडा, मालदीव, गुयाना, घाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, नामीबिया, इथियोपिया और इज़राइल शामिल हैं। साल 2016 और 2023 में उन्होंने अमेरिका की कांग्रेस के संयुक्त सत्र को भी संबोधित किया था। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को दो बार संबोधित किया।
सेशेल्स दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को वहां के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने देश का सर्वोच्च सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ प्रदान किया। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने, ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने, समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और छोटे द्वीपीय देशों के विकास के लिए किए गए उनके योगदान के लिए दिया गया। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह पहला अवसर है जब यह विशेष सम्मान किसी व्यक्ति को दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को उन सभी देशों को समर्पित किया जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून से 29 जून तक सेशेल्स के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस (गोल्डन जुबली) समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे। यह समारोह वर्ष 1976 में यूनाइटेड किंगडम से मिली आजादी के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच 50 वर्षों से चले आ रहे कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...