नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाशवाणी पर प्रसारित मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देशवासियों से कई महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक प्रगति जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
भारत के विकास में सौर और पवन ऊर्जा का महत्व
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत के सतत विकास के लिए सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोत अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों ने रेगिस्तानी क्षेत्रों में विंड एनर्जी (पवन ऊर्जा) का सफल उपयोग कर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है।
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— Narendra Modi (@narendramodi) April 26, 2026
बीटिंग रिट्रीट और सांस्कृतिक विविधता पर चर्चा
पीएम मोदी ने गणतंत्र पर्व के दौरान आयोजित होने वाले ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना और अर्धसैनिक बलों के बैंड्स के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता और संगीत परंपराओं को प्रदर्शित करता है। हाल के वर्षों में इसमें भारतीय संगीत का समावेश बढ़ा है, जिसे जनता द्वारा खूब सराहा जा रहा है।
During the 133rd episode of Mann Ki Baat, PM Modi says, “In our country, from January 23rd, i.e., from Netaji Subhas’ birth anniversary, to January 30th, i.e., Gandhiji’s death anniversary, the Festival of the Republic is celebrated. An important part of this festival is the… pic.twitter.com/ySfNm0ibMq
— ANI (@ANI) April 26, 2026
कच्छ में ‘लाखा जी के बाराती’ और पर्यावरण संदेश
प्रधानमंत्री ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र का उदाहरण देते हुए वहां आने वाले फ्लेमिंगो पक्षियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हर वर्ष लाखों फ्लेमिंगो यहां प्रवास करते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र गुलाबी रंग में बदल जाता है। स्थानीय लोग इन्हें प्यार से ‘लाखा जी के बाराती’ कहते हैं, जो पर्यावरण संतुलन का एक सुंदर प्रतीक बन चुके हैं।
भगवान बुद्ध के संदेश आज भी प्रासंगिक
पीएम मोदी ने भगवान गौतम बुद्ध के विचारों को आज की दुनिया के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि शांति और आत्मविजय का संदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक है, विशेषकर ऐसे समय में जब विश्व कई प्रकार के तनाव और संघर्षों से गुजर रहा है।
वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति का प्रभाव
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण अमेरिका के चिली में एक संस्था भगवान बुद्ध के विचारों और ध्यान-करुणा के संदेश को लोगों तक पहुंचा रही है। यह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं के वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
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विज्ञान और अंतरिक्ष में भारत की प्रगति
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा विज्ञान को राष्ट्रीय विकास का आधार माना है। देश के वैज्ञानिकों के प्रयासों से भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने एक बार फिर स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक एकता जैसे विषयों पर देशवासियों को प्रेरित किया।

