Last Updated: September 22, 2026

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पीएम बोले- बदले जींद के तेवर, नहीं बदला यहां का घेवर

July 17, 2026

पीएम बोले- बदले जींद के तेवर, नहीं बदला यहां का घेवर

PM narender modi at Jind :  जींद। बदले जींद के तेवर, नहीं बदला यहां का घेवर कहकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन की शुरुआत ही हरियाणवी अंदाज में की और दिल जीत लिया। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ उन्होंने हरियाणा को करीब 15 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। राम-राम से शुरू हुए संबोधन में पीएम ने हरियाणा की वीरभूमि, संस्कृति और लोगों की आत्मीयता की जमकर सराहना की।

बोले- पहले से काफी बदल गया जीद

उन्होंने कहा कि शक्ति पीठ माता जयंती का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। कहा कि मैं कई साल पहले संगठन के काम से यहां आया था। मुर्राह भैंस का दूध, दही और घी, जींद का देसी बूरा और यहां का घेवर, यह वे यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं। इतने बरसों में जींद का घी और जींद का घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। पीएम ने कहा आज जींद भाजपा-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है। बीते बरसों में पूरा हरियाणा ही विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है।

हाइड्रोजन के साथ जुड़ गया जींद का नाम

आज यहां से देश को पहली हाइड्रोजन रेलगाड़ी मिली है। हम जानते हैं कि भारत में पहली रेलगाड़ी बोंबे से ठाणे के बीच चली थी, जिसे आज मुंबई कहते हैं, वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन रेलगाड़ी का जिक्र आएगा तो जींद और सोनीपत और हरियाणा का नाम आएगा ही आएगा। मैं आप सभी को पूरे देश को भारतीय रेल की आधुनिकता से जुड़े इस बड़े कदम के लिए बहुत बधाई देता हूं। आज करीब 15 हजार करोड़ से अधिक की अन्य परियोजनाएं भी हरियाणा को मिली हैं। इन परियोजनाओं के लिए भी हरियाणा के लोगों को बधाई।

21वीं सदी का ये बड़ा कदम : मोदी

भारतीय रेलवे ने 21वीं सदी की इस तकनीक में बड़ा कदम उठाया है। अब यह सफर 90 किलोमीटर का है, लेकिन इसका विस्तार होने की बहुत संभावनाएं हैं। हम इस पर अनुसंधान करते रहेंगे, लागत कम कैसे हो, इसका तरीका ढूंढेंगे, एफीसिसेंसी बढ़ाएंगे, एक के बाद एक कदम उठाते जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया में हाइड्रोजन रेल करीब सात आठ साल पहले ही अस्तित्व में आई है। दुनिया के तीन या चार देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन रेलगाड़ी चलाने का सामर्थ्य है।

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